Wrestlers Protest / न हमने आंदोलन वापस लिया, न नाबालिग ने शिकायत वापस ली - साक्षी मलिक

रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों का आंदोलन अभी भी जारी है. अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस बात की पुष्टि की है. साक्षी मलिक ने कहा है कि उनका आंदोलन इंसाफ मिलने तक जारी रहेगा. इस दौरान उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि जिस नाबालिग ने बृजभूषण के खिलाफ FIR की है उसने वापस नहीं ली है.

Wrestlers Protest: रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पहलवानों का आंदोलन अभी भी जारी है. अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस बात की पुष्टि की है. साक्षी मलिक ने कहा है कि उनका आंदोलन इंसाफ मिलने तक जारी रहेगा. इस दौरान उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि जिस नाबालिग ने बृजभूषण के खिलाफ FIR की है उसने वापस नहीं ली है.

पहलवानों की इस लड़ाई अब गृहमंत्री अमित शाह तक पहुंच गई है. साक्षी ने बताया कि वह उन्होंने दो दिन पहले शाह से भी मुलाकात की थी. हालांकि उन्होंने बातचीत के बारे में कुछ खास नहीं बताया है. चर्चा के दौरान उन्होंने इस बात की ओर भी इशारा किया है कि जिस नाबालिग ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ यौन शोषण की FIR दर्ज की है, उसने अभी तक वापस नहीं ली है. न ही पहलवानों ने आंदोलन वापस लिया है.

साक्षी ने चर्चा के दौरान बताया है कि वह इस आंदोलन में आगे की रणनीति बना रहे हैं और जल्द ही बताएंगे कि आखिर वह इस आंदोलन में आगे क्या करेंगे. उन्होंने कहा है कि आम पब्लिक को गुमराह किया जा रहा है और बृजभूषण के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. इस दौरान उन्होंने हिंट भी दी है कि उनका आंदोलन इंसाफ मिलने तक जारी रहेगा.

बता दें कि पिछले करीब डेढ़ महीने से अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता पहलवान जिनमें मुख्य रूप से साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट शामिल हैं भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. पहलवानों ने बृजभूषण पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पहलवानों ने कहना है कि सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग किया है.

इस दौरान पहलवानों ने नाबालिग खिलाड़ी से यौन शोषण का आरोप भी लगाया है. फिलहाल इस मामले में दिल्ली पुलिस जांच कर रही है. वहीं पुलिस का कहना है कि वह सबूत जुटाने और जांच के बाद मामले को कोर्ट में ले जाएंगे.

SUBSCRIBE TO OUR NEWSLETTER