नेपाल बाढ़ का कहर: मृतकों की संख्या 400 के करीब, चीन ने दी नई तबाही की चेतावनी

नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या 389 हो गई है, जबकि 1,400 से अधिक लोग लापता हैं। चीन ने अगले तीन दिनों में एक और आपदा की चेतावनी दी है, जिससे बचाव कार्यों में चुनौतियां बढ़ गई हैं।

नेपाल में हाल ही में आई जलप्रलय ने भारी तबाही मचाई है और इसके निशान अब और भी गहरे होते जा रहे हैं। इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वालों की संख्या अब 400 के करीब पहुंच गई है। इसी बीच, चीन ने एक और गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसमें अगले तीन दिनों के भीतर एक और बड़ी तबाही की आशंका जताई गई है। नेपाल और चीन दोनों देशों ने गुरुवार को हिमालयी क्षेत्र में फिर से बाढ़ आने के खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। दोनों देशों की सीमा के दोनों ओर दो झीलें बन गई हैं, जिससे उनके फटने का डर पैदा हो गया है। यह स्थिति तब बनी है जब यह पूरा इलाका इस हफ्ते आई भयानक बाढ़ से उबरने की कोशिश कर रहा है। नेपाल और तिब्बत में बचावकर्मी अभी भी जीवित बचे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। बुधवार को आई अचानक बाढ़ ने घरों को तबाह कर दिया, पुल बहा दिए और सड़कों को पानी में डुबो दिया। मरने वालों की संख्या बढ़कर 400 के करीब पहुंच गई है और 1,400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं।

ग्लेशियर फटने और भूस्खलन से मची तबाही

नेपाल पुलिस ने पुष्टि की है कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के टूटने और भूस्खलन के कारण आई भयानक अचानक बाढ़ और मलबे के भारी बहाव से मरने वालों की संख्या बढ़कर 389 हो गई है। इस हादसे का शिकार होने वालों में से कई विदेशी पर्यटक थे जो ट्रेकिंग, गाइडेड टूर या किसी पवित्र हिंदू स्थल की तीर्थयात्रा के लिए वहां गए थे। बाढ़ के बाद 30 से ज्यादा देशों के लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिससे यह एक अंतरराष्ट्रीय संकट बन गया है।

नेपाल में हताहतों का विस्तृत विवरण

नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि देश में मरने वालों की संख्या बढ़कर 359 हो गई है और 910 लोग अभी भी लापता हैं। इन लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं। प्राधिकरण ने यह भी जानकारी दी कि अब तक 50 विदेशियों को हवाई मार्ग से सुरक्षित बचाया गया है। स्थानीय रिपोर्टों में नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के हवाले से कहा गया है कि गुरुवार तक लापता लोगों में 113 नेपाली पर्यटक, सेना और पुलिस के 85 सुरक्षाकर्मी, साथ ही रसुवा जिले के 161 और नुवाकोट जिले का एक निवासी शामिल था।

चीन और तिब्बत की स्थिति

चीन की सरकारी मीडिया ने बताया कि तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है और 558 लोग लापता हैं। चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV के अनुसार, लापता 558 लोगों में से 260 विदेशी नागरिक थे। इसके अलावा, चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि नेपाल की तरफ लगभग 100 चीनी नागरिक भी लापता हैं। सीमा पर बनी दो झीलों के कारण अगले 72 घंटे बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं।

विभिन्न देशों के लापता नागरिकों का आंकड़ा

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें 73 लोग शामिल हैं जो एक पावर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। नेपाल के अधिकारियों ने बताया है कि कई भारतीय पर्यटक तिब्बत में माउंट कैलाश की तीर्थयात्रा पर गए थे। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि चीन और नेपाल में 90 अमेरिकी नागरिकों का कोई पता नहीं चल पाया है, हालांकि अभी तक किसी अमेरिकी की मौत की खबर नहीं है और तीन को बचा लिया गया है। मलेशिया के 51 नागरिक लापता हैं। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, 55 यूक्रेनी नागरिक लापता हैं, जिनमें 47 और 7 लोगों के दो पर्यटक समूह और एक महिला शामिल है।

अन्य देशों के लापता पर्यटकों की सूची

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने 39 नागरिकों के लापता होने की पुष्टि की है। ब्रिटेन के 33 और कनाडा के 25 नागरिक लापता हैं। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में पनबिजली संयंत्र (हाइड्रोपावर प्लांट) पर काम कर रहे उनके नौ नागरिक लापता हैं। सिंगापुर और जर्मनी के 8-8 नागरिक लापता हैं। नेपाल में रूसी दूतावास ने 8 नागरिकों के लापता होने की बात कही है। दक्षिण अफ्रीका और लातविया के 6-6 नागरिक लापता हैं। जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने 5 जापानी नागरिकों के लापता होने पर चिंता जताई है। न्यूज़ीलैंड के 5, फ्रांस के 4, और बेल्जियम व स्पेन के 3-3 नागरिक लापता हैं। इसके अलावा इटली, कजाकिस्तान, पुर्तगाल, आयरलैंड और नीदरलैंड के 2-2 लोग लापता हैं। बेलारूस, फिनलैंड, हंगरी, इज़राइल, लिथुआनिया, फिलीपींस, बुल्गारिया, स्विट्जरलैंड, सर्बिया और स्वीडन का 1-1 नागरिक भी लापता बताया गया है।