इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर की घोषणा के बावजूद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए कहा कि हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल ने लेबनान में एक अस्थायी संघर्ष विराम पर सहमति जताई है और ऐसा उन्होंने अपने मित्र और अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष अनुरोध पर किया है।
हिजबुल्लाह के सैन्य ढांचे पर इजरायल का दावा
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सैन्य उपलब्धियों का विवरण देते हुए दावा किया कि इजरायली रक्षा बलों ने हिजबुल्लाह की युद्धक क्षमताओं को भारी नुकसान पहुँचाया है। उनके अनुसार, इजरायल की सेना ने हिजबुल्लाह के लगभग 90 प्रतिशत मिसाइल और रॉकेट भंडारों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि इस सशस्त्र समूह को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य अभी हासिल नहीं हुआ है और अभियान का यह हिस्सा अभी भी अधूरा है।
डोनाल्ड ट्रंप का हस्तक्षेप और सोशल मीडिया पोस्ट
नेतन्याहू का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस सोशल मीडिया पोस्ट के कुछ ही समय पहले आया, जिसमें ट्रंप ने इस मामले में अपनी भूमिका स्पष्ट की थी। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अमेरिका ने इजरायल को लेबनान पर और अधिक बमबारी करने से रोक दिया है।
लेबनान सरकार की सुरक्षा रणनीति और हथियार नियंत्रण
दूसरी ओर, लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अब राजधानी बेरूत सहित पूरे बेरूत गवर्नररेट पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करेगी। पीएम सलाम ने स्पष्ट किया कि हथियार केवल सरकारी फौजों तक ही सीमित रहेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा, हिफाजत और उनकी संपत्ति की रक्षा करना है। उन्होंने इस फैसले को अटल बताते हुए इसे सख्ती से लागू करने की बात कही।
हिजबुल्लाह का रुख और हताहतों के आंकड़े
हिजबुल्लाह ने इस संघर्ष विराम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सावधानीपूर्वक समर्थन व्यक्त किया है। समूह का कहना है कि वे सीजफायर का समर्थन तभी करेंगे जब यह व्यापक हो, पूरे लेबनानी क्षेत्र को कवर करे और इजरायल की पूर्ण वापसी की दिशा में एक कदम हो। हिजबुल्लाह ने इस संघर्ष विराम का श्रेय ईरान के दबाव को दिया है। साथ ही, इस गुट ने इजरायल के साथ सीधी बातचीत करने के लिए लेबनानी सरकार की कड़ी निंदा की है।
