इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के साथ सीधी बातचीत शुरू करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह निर्णय एक ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में युद्धविराम की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस बातचीत का प्राथमिक उद्देश्य हिज्बुल्लाह को हथियारों से मुक्त करना और दोनों पड़ोसी देशों के बीच दीर्घकालिक शांति स्थापित करना है। नेतन्याहू ने लेबनान के प्रधानमंत्री द्वारा बेरूत को सैन्य-मुक्त क्षेत्र बनाने की अपील का भी स्वागत किया है।
सीधी बातचीत की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि लेबनान की ओर से बार-बार संवाद की मांग की जा रही थी। इजराइली अधिकारियों के अनुसार, यह आदेश ईरान के साथ चल रहे व्यापक संघर्ष के बीच एक अस्थायी युद्धविराम की संभावनाओं को तलाशने के लिए दिया गया है। हालांकि, लेबनान सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इजराइल का रुख स्पष्ट है कि किसी भी शांति समझौते के लिए हिज्बुल्लाह का निरस्त्रीकरण एक अनिवार्य शर्त होगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव
क्षेत्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर स्थिति तब और जटिल हो गई जब ईरानी समाचार एजेंसियों ने बताया कि उनकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ईरान द्वारा इस मार्ग को बंद करने के संकेतों के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान समझौतों का पालन नहीं करता है, तो अमेरिकी सेना कठोर कार्रवाई करने के लिए तैयार है।
युद्धविराम की चुनौतियां और सैन्य गतिविधियां
युद्धविराम समझौते के दायरे को लेकर इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच अभी भी मतभेद बने हुए हैं। हाल ही में बेरूत पर हुए हवाई हमलों को 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से लेबनान में सबसे घातक दिन बताया गया है। इजराइली नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि जब तक सुरक्षा गारंटी नहीं मिलती, हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई जारी रह सकती है। दूसरी ओर, ईरान ने इजराइल पर युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है।
परमाणु भंडार और भविष्य की सुरक्षा चिंताएं
वार्ता के केंद्र में ईरान का समृद्ध यूरेनियम भंडार और उसकी मिसाइल क्षमता भी एक बड़ा मुद्दा है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के अनुसार, यह अनिश्चित है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से सामान्य यातायात कब शुरू होगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर क्या नियंत्रण लगाया जाएगा। इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद में ईरानी वार्ताकारों से मिल सकता है, जिससे कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।
क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रभाव
भले ही युद्धविराम की स्थिति विवादित है, लेकिन पिछले कुछ दिनों में ईरान द्वारा खाड़ी देशों और इजराइल पर किए जाने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों में कमी देखी गई है और गुरुवार को किसी नए बड़े हमले की सूचना नहीं मिली है। इजराइल और अमेरिका वर्तमान में ईरान पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं, ताकि भविष्य में क्षेत्रीय सशस्त्र गुटों को मिलने वाली सहायता को सीमित किया जा सके।
