US-Venezuela Conflict / निकोलस मादुरो के बेटे ने पिता की रिहाई की मांग की, अमेरिका को दी खुली धमकी

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में बंधक बनाए जाने के बाद उनके बेटे निकोलस मादुरो गुएरा ने पिता की तत्काल रिहाई की मांग की है। उन्होंने एक ऑडियो बयान जारी कर अमेरिका को खुली धमकी दी और कहा कि इतिहास बताएगा कि गद्दार कौन था।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के तहत कथित तौर पर बंधक बनाकर न्यूयॉर्क ले जाने का मामला अब धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ने लगा है। इस घटना ने वेनेजुएला के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और देश में तनाव का माहौल पैदा हो गया है। अमेरिका द्वारा की गई इस कथित कार्रवाई को वेनेजुएला की संप्रभुता पर सीधा हमला माना। जा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों में और कड़वाहट आने की आशंका है। इस गंभीर स्थिति के बीच, राष्ट्रपति मादुरो के परिवार की ओर से। पहली प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसने मामले को और गरमा दिया है।

बेटे निकोलस मादुरो गुएरा का पहला बयान

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में बंधक बनाकर अमेरिका ले जाने के बाद उनके बेटे निकोलस मादुरो गुएरा का पहला बयान सामने आया है। ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, निकोलस मादुरो गुएरा ने एक ऑडियो बयान जारी किया है, जिसमें उन्होंने अपने पिता की तत्काल वापसी की मांग की है। इस बयान में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि इतिहास ही बताएगा कि असली गद्दार कौन थे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब वेनेजुएला में राजनीतिक अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है, और यह मादुरो परिवार की ओर से एक मजबूत प्रतिक्रिया का संकेत देता है। उनके इस बयान ने वेनेजुएला के लोगों के बीच भावनात्मक लहर पैदा कर दी है, जो अपने राष्ट्रपति की कथित गिरफ्तारी से स्तब्ध हैं।

भावुक संदेश और अमेरिका को सीधी चुनौती

गुएरा ने अपने ऑडियो बयान में एक अत्यंत भावुक संदेश दिया है, जो उनके पिता की कथित गिरफ्तारी के बाद उनकी गहरी पीड़ा और गुस्से को दर्शाता है। उन्होंने कहा, 'आप हमें सड़कों पर इन लोगों के साथ देखेंगे और हम सम्मान और गरिमा के झंडे बुलंद करेंगे। ' यह बयान वेनेजुएला के लोगों को एकजुट करने और अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ खड़े होने का आह्वान करता है। उन्होंने आगे कहा, 'क्या इससे हमें दुख होता है और बेशक हमें गुस्सा आता है, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाएंगे, धिक्कार है इस पर। मैं अपनी जिंदगी की, अपनी मां सीलिया की कसम खाता हूं। वे ऐसा नहीं कर पाएंगे। ' यह शपथ और चुनौती अमेरिकी सरकार के प्रति उनके दृढ़ विरोध को दर्शाती है और यह स्पष्ट करती है कि मादुरो परिवार इस कार्रवाई को आसानी से स्वीकार नहीं करेगा और यह संदेश वेनेजुएला की जनता के बीच भी एक मजबूत भावना पैदा कर रहा है कि उन्हें अपने देश की संप्रभुता और नेताओं के सम्मान के लिए खड़ा होना चाहिए।

निकोलस मादुरो गुएरा पर ड्रग्स तस्करी के आरोप

यह उल्लेखनीय है कि निकोलस मादुरो के इकलौते बेटे निकोलस अर्नेस्टो मादुरो गुएरा पर भी अमेरिका ने ड्रग्स तस्करी का आरोप लगाया है। आरोप पत्र में गुएरा को 'प्रिंस' के नाम से संबोधित किया गया है, और यह पहली बार है जब उन्हें। इस मामले में सीधे तौर पर घसीटा गया है, क्योंकि 2020 के आरोप पत्र में उनका नाम शामिल नहीं था। उस आरोप पत्र में मादुरो की पत्नी का नाम भी नहीं था, लेकिन अब वे भी इस मामले में कथित तौर पर शामिल बताई जा रही हैं। गुएरा की मां एड्रियाना गुएरा एंगुलो, राष्ट्रपति मादुरो की पहली पत्नी थीं। इन आरोपों ने मादुरो परिवार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव को और बढ़ा दिया है, जिससे उनकी कानूनी और राजनीतिक स्थिति और जटिल हो गई है।

निकोलस मादुरो गुएरा का राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन

35 वर्षीय निकोलस अर्नेस्टो मादुरो गुएरा, जिन्हें निकोलसिटो के नाम से भी जाना जाता है, पर कोकीन आयात करने की साजिश रचने और मशीन गन तथा विनाशकारी उपकरणों को रखने का आरोप लगाया गया है। आरोप पत्र में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रपति मादुरो 'एक भ्रष्ट, अवैध सरकार के मुखिया हैं, जिसने दशकों से सरकारी सत्ता का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों, जिसमें ड्रग्स तस्करी भी शामिल है, को बढ़ावा देने के लिए किया है। ' आरोप पत्र के अनुसार, ड्रग्स तस्करी ने मादुरो के परिवार को अमीर बनाया है, और इस साजिश में मादुरो की पत्नी और बेटा भी शामिल हैं, जो वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के सदस्य हैं।

आरोप पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मादुरो, उनकी पत्नी, बेटे और तीन अन्य नामित लोगों ने नशीले पदार्थों के तस्करों और नार्को-आतंकवादी। समूहों के साथ साझेदारी की थी, जो होंडुरास, ग्वाटेमाला और मैक्सिको जैसे देशों के माध्यम से वेनेजुएला से संयुक्त राज्य अमेरिका में कोकीन भेज रहे थे। ये आरोप मादुरो सरकार की वैधता और उनके परिवार की ईमानदारी पर गंभीर सवाल उठाते हैं। 21 जून, 1990 को जन्मे निकोलस मादुरो गुएरा वेनेजुएला की यूनाइटेड सोशलिस्ट पार्टी के एक सक्रिय सदस्य हैं और उन्होंने कम उम्र में ही राजनीति में कदम रख दिया था, जो उनके परिवार के राजनीतिक प्रभाव को दर्शाता है।

2013 में जब उनके पिता निकोलस मादुरो राष्ट्रपति बने, तो उन्हें विशेष राष्ट्रपति निरीक्षणों का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया गया, जिससे उन्हें महत्वपूर्ण प्रशासनिक अनुभव प्राप्त हुआ और वह नेशनल फिल्म स्कूल के प्रमुख भी बने, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, वह वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के डिप्टी हैं, जो उन्हें देश की विधायी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण भूमिका प्रदान करता है। निकोलसिटो एक संगीतकार भी हैं, जो उनके राजनीतिक और प्रशासनिक करियर के अलावा उनकी कलात्मक रुचियों को उजागर करता है और उनका यह विविध प्रोफाइल उन्हें वेनेजुएला के राजनीतिक और सांस्कृतिक परिदृश्य में एक प्रमुख व्यक्ति बनाता है।

अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की निंदा और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन

अपने पिता के अमेरिकी सेना द्वारा पकड़े जाने के बाद दिए गए बयान में, मादुरो के बेटे ने अमेरिकी सरकार द्वारा की गई कथित सैन्य आक्रामकता की कड़ी निंदा की है और उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि 'वेनेजुएला संयुक्त राज्य अमेरिका की सरकार द्वारा गंभीर सैन्य आक्रामकता को खारिज करता है और उसकी निंदा करता है, जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 1 और 2 का घोर उल्लंघन है। ' उन्होंने आगे बताया कि ये अनुच्छेद संप्रभुता, राज्यों की कानूनी समानता और बल के उपयोग पर रोक का सम्मान करते हैं और यह बयान अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों पर आधारित है और अमेरिकी कार्रवाई को अवैध और अनुचित ठहराता है। यह दर्शाता है कि वेनेजुएला इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने और अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाने का इरादा रखता है। इस तरह की कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में तनाव बढ़ने और क्षेत्रीय स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।