पाकिस्तान रक्षा मंत्री की भारत को धमकी: संघर्ष कोलकाता तक पहुंचने का दावा

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा है कि भविष्य में किसी भी संघर्ष की स्थिति में युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान कोलकाता तक पहुंचने की क्षमता रखता है। यह बयान भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की हालिया चेतावनियों के बाद आया है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शनिवार को सियालकोट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी की है। आसिफ ने चेतावनी दी कि यदि भारत किसी भी प्रकार का 'फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन' (छद्म हमला) करने का प्रयास करता है, तो आगामी संघर्ष केवल अंतरराष्ट्रीय सीमा या नियंत्रण रेखा तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना की पहुंच कोलकाता तक हो सकती है और वे भारत के भीतर तक कार्रवाई करने में सक्षम हैं। ख्वाजा आसिफ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव की स्थिति बनी हुई है और हाल ही में सैन्य गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है।

फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन और आतंकवाद के आरोप

ख्वाजा आसिफ ने अपने संबोधन में दावा किया कि भारत सरकार अपने ही नागरिकों या हिरासत में लिए गए पाकिस्तानियों का उपयोग करके एक कृत्रिम संकट या 'झूठा ड्रामा' रचने की योजना बना रही है और उन्होंने आरोप लगाया कि भारत शवों को रणनीतिक स्थानों पर रखकर पाकिस्तान पर आतंकवाद का आरोप मढ़ने की कोशिश कर सकता है। हालांकि, रक्षा मंत्री आसिफ ने इन दावों के समर्थन में कोई ठोस खुफिया जानकारी या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए और उन्होंने पिछले वर्ष की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि भारत को इस बार और अधिक अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा। पाकिस्तानी नेतृत्व का यह रुख भारत द्वारा सीमा पार आतंकवाद पर दिए गए कड़े बयानों के प्रत्युत्तर के रूप में देखा जा रहा है।

भारत की प्रतिक्रिया और राजनाथ सिंह की चेतावनी

ख्वाजा आसिफ के इस बयान पर भारत सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है, लेकिन भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में केरल में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया था। राजनाथ सिंह ने कहा था कि यदि पाकिस्तान ने भारत की सुरक्षा के साथ कोई 'गंदा खेल' खेलने की कोशिश की, तो भारतीय सशस्त्र बल निर्णायक और अविस्मरणीय जवाब देंगे। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है और देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए सेना किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। भारतीय रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, सेना सीमा पर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी उकसावे का जवाब देने के लिए सक्षम है।

अफगानिस्तान और प्रॉक्सी वॉर के दावे

ख्वाजा आसिफ ने भारत के साथ-साथ अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि नई दिल्ली और काबुल मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ 'प्रॉक्सी वॉर' (छद्म युद्ध) चला रहे हैं। आसिफ के अनुसार, पाकिस्तान में होने वाले आतंकी हमलों के पीछे भारत और अफगानिस्तान की सोच में समानता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अफगानिस्तान की ओर से शांति की ठोस गारंटी नहीं मिलती है, तो पाकिस्तान वहां दोबारा सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत के साथ पूर्ण युद्ध की संभावना अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

अब्दुल बासित के विवादास्पद बयान का संदर्भ

पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने भी हाल ही में इसी तरह के भड़काऊ बयान दिए थे। बासित ने एक चर्चा के दौरान कहा था कि यदि अमेरिका पाकिस्तान पर किसी प्रकार का हमला करता है, तो पाकिस्तान को तुरंत मुंबई और नई दिल्ली को निशाना बनाना चाहिए और उन्होंने तर्क दिया था कि चूंकि अमेरिका पाकिस्तान की परमाणु रेंज से बाहर है, इसलिए भारत पर हमला करना ही पाकिस्तान के लिए एकमात्र विकल्प होगा। हालांकि उन्होंने इसे एक 'सबसे खराब स्थिति' (वस्ट केस सिनेरियो) बताया था, लेकिन इस तरह के बयानों ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव को और बढ़ाने का काम किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान के राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों से आने वाली यह बयानबाजी घरेलू दबाव का परिणाम हो सकती है।

ऑपरेशन सिंदूर और ऐतिहासिक तनाव की पृष्ठभूमि

भारत और पाकिस्तान के बीच वर्तमान तनाव की जड़ें 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जुड़ी हैं, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। इस हमले के जवाब में भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था, जिसके तहत 7 मई 2025 को रात 1:30 बजे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकियों के 9 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गई थी। भारतीय सेना के अनुसार, इस कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के 100 से अधिक आतंकी मारे गए थे। पाकिस्तान ने भी इसके जवाब में आर्टिलरी और ड्रोन का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद 10 मई 2025 को अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप के बाद सीजफायर हुआ था। ख्वाजा आसिफ का ताजा बयान इसी सैन्य इतिहास और भविष्य की आशंकाओं के बीच आया है।