पीएम मोदी का अजमेर दौरा: कांग्रेस को बताया 'मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजमेर में कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए उसे 'मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस' करार दिया। उन्होंने राजस्थान के लिए जल परियोजनाओं और बालिकाओं के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। पीएम ने कांग्रेस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब करने का आरोप भी लगाया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के अजमेर स्थित कायड़ विश्रामस्थली में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि देश कांग्रेस के कुकर्मों को कभी माफ नहीं करेगा। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब 'इंडियन नेशनल कांग्रेस' (INC) नहीं रह गई है, बल्कि वह 'मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस' (MMC) बन चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी हार की हताशा में भारत को वैश्विक स्तर पर बदनाम करने का प्रयास कर रही है।

राजनीतिक संबोधन के साथ-साथ प्रधानमंत्री ने विकास और स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं का भी शुभारंभ किया। उन्होंने 9 से 14 वर्ष की आयु की बालिकाओं के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) टीकाकरण अभियान की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम करना है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ने युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र भी वितरित किए।

कांग्रेस की विचारधारा पर प्रधानमंत्री का प्रहार

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कांग्रेस की वर्तमान कार्यशैली की तुलना ऐतिहासिक मुस्लिम लीग और माओवादी विचारधारा से की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मुस्लिम लीग ने नफरत की राजनीति के आधार पर देश का विभाजन किया, उसी प्रकार कांग्रेस आज देश को बांटने और बदनाम करने का काम कर रही है। उन्होंने माओवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि ये तत्व भारत की समृद्धि और लोकतांत्रिक सफलता से नफरत करते हैं और कांग्रेस भी इसी राह पर चल रही है। प्रधानमंत्री के अनुसार, कांग्रेस अब केवल विरोध की राजनीति तक सीमित हो गई है और वह देश के हर शुभ कार्य में बाधा डालने का प्रयास करती है।

वैश्विक मंच पर भारत की छवि और विपक्ष की भूमिका

प्रधानमंत्री ने दिल्ली में आयोजित हालिया वैश्विक एआई (AI) सम्मेलन का उदाहरण देते हुए कहा कि जब दुनिया के बड़े नेता और कंपनियां भारत की प्रशंसा कर रहे थे, तब कांग्रेस ने विदेशी मेहमानों के सामने देश को नीचा दिखाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को धूमिल करने के लिए सक्रिय रहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जनता कांग्रेस के इन कृत्यों को देख रही है और उन्हें लगातार चुनावों में सबक सिखा रही है।

राजस्थान के लिए जल और सिंचाई परियोजनाएं

कृषि और क्षेत्रीय विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रधानमंत्री ने राजस्थान में जल संकट के समाधान के लिए केंद्र और राज्य की 'डबल इंजन' सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने संशोधित पार्वती-काली सिंध-चंबल लिंक परियोजना और यमुना-राजस्थान लिंक प्रोजेक्ट का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि झालावाड़, बारां, कोटा और बूंदी जैसे जिलों में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई परियोजनाओं पर कार्य शुरू हो चुका है। उनका लक्ष्य राजस्थान में भूजल स्तर में सुधार करना और किसानों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है।

सैन्य पराक्रम और ऐतिहासिक गौरव का उल्लेख

प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना की वीरता की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक और अन्य ऑपरेशनों के माध्यम से दुश्मनों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कांग्रेस पर सेना के शौर्य पर सवाल उठाने और दुश्मनों के विमर्श को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। इसके साथ ही, उन्होंने इजराइल के हाइफा शहर की आजादी में राजस्थान के मेजर दलपत सिंह के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान के वीरों का सम्मान आज भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जाता है और उन्हें इजराइल की संसद में मेजर दलपत सिंह को नमन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था।

स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में नई पहल

अजमेर की सभा में प्रधानमंत्री ने सामाजिक कल्याण के दो प्रमुख पहलुओं पर जोर दिया। सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान को एक क्रांतिकारी कदम बताया गया। इसके साथ ही, रोजगार मेले के माध्यम से युवाओं को सरकारी सेवाओं में शामिल होने के लिए जॉइनिंग लेटर सौंपे गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को अवसर प्रदान करने और महिलाओं के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है।