महिला आरक्षण बिल: 'आइए इतिहास रचें', वोटिंग से पहले पीएम मोदी की भावुक अपील

लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर होने वाली महत्वपूर्ण वोटिंग से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से भावुक अपील की है। उन्होंने सभी दलों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर नारी शक्ति के सम्मान में एकजुट होने और अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर मतदान करने का आग्रह किया है।

संसद में महिला आरक्षण बिल यानी 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर ऐतिहासिक मतदान से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों और राजनीतिक दलों से एक विशेष अपील की है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए सांसदों से अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने और देश की आधी आबादी को उनका हक देने का आग्रह किया है और लोकसभा में इस बिल पर वोटिंग आज शुक्रवार शाम 4 बजे निर्धारित की गई है।

संसद में लंबी बहस और वोटिंग की तैयारी

महिला आरक्षण बिल और परिसीमन को लेकर संसद में गुरुवार से ही गहन चर्चा जारी है और कल यह बहस देर रात 1 बजे तक चली और आज शुक्रवार को भी इस पर चर्चा जारी रही। शाम 4 बजे होने वाली वोटिंग से ठीक पहले पीएम मोदी ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि वे पूरी संवेदनशीलता के साथ फैसला लें और महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिल को लेकर जो भी भ्रम फैलाए गए थे, उन्हें तर्कबद्ध जवाबों के जरिए दूर कर दिया गया है और हर आशंका का समाधान किया गया है।

चार दशक की राजनीति और महिलाओं का प्रतिनिधित्व

प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में इस विषय के ऐतिहासिक संदर्भ का जिक्र करते हुए कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर देश में पिछले चार दशकों से बहुत राजनीति हो चुकी है और उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि देश की आधी आबादी को उनके अधिकार अवश्य मिलें। पीएम मोदी के अनुसार, आजादी के इतने दशकों बाद भी निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं का प्रतिनिधित्व कम रहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की करोड़ों महिलाओं की नजरें इस समय संसद की नीयत और फैसले पर टिकी हैं।

'मां-बेटी को याद कर अंतरात्मा की आवाज सुनें'

सांसदों से व्यक्तिगत अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने एक अत्यंत भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा, "मैं सभी सांसदों से यही कहूंगा कि आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सभी का स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए। देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है। " उन्होंने सांसदों से प्रार्थना की कि वे ऐसा कुछ भी न करें जिससे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों।

लोकतंत्र की मजबूती और सर्वसम्मति का आह्वान

पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि यदि यह संशोधन सर्वसम्मति से पारित होता है, तो इससे न केवल देश की नारीशक्ति सशक्त होगी, बल्कि भारत का लोकतंत्र भी और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने अंत में आह्वान किया, "आइए हम मिलकर आज इतिहास रचें।