लोकसभा में राहुल गांधी का बड़ा हमला: 'सरकार डरी हुई है, हम परिसीमन नहीं होने देंगे'

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार पर देश का चुनावी नक्शा बदलने और दक्षिण भारतीय राज्यों का प्रतिनिधित्व छीनने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष परिसीमन को सफल नहीं होने देगा।

संसद के विशेष सत्र के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी ने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत महिलाओं के महत्व से की और उन्हें राष्ट्रीय सोच की एक प्रेरक शक्ति बताया। राहुल गांधी ने कहा कि हम सभी अपने जीवन में महिलाओं से प्रभावित हुए हैं और उनसे बहुत कुछ सीखा है। कांग्रेस नेता ने सदन में महिला आरक्षण विधेयक पर अपनी पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा।

महिलाओं का प्रभाव और व्यक्तिगत अनुभव

राहुल गांधी ने अपने भाषण में व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने बचपन का जिक्र करते हुए बताया कि उन्हें अंधेरे से डर लगता था, लेकिन उनकी दादी ने उन्हें डर से लड़ना सिखाया। उन्होंने कहा कि उनकी दादी, मां और बहन ने उनके जीवन में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है और उन्हें बहुत कुछ सिखाया है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण बिल का समर्थन करती है, लेकिन उन्होंने यह भी याद दिलाया कि महिला आरक्षण बिल साल 2023 में ही पास हो गया था।

सदन में भारी हंगामा और राजनाथ सिंह की आपत्ति

राहुल गांधी के भाषण के दौरान लोकसभा में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। सत्ता पक्ष के सांसदों और मंत्रियों ने राहुल गांधी के कई बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई। विवाद तब और बढ़ गया जब कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'जादूगर' बताने की कोशिश की। इस टिप्पणी का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई मंत्रियों और भाजपा सांसदों ने पुरजोर विरोध किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के इस बयान को अनुचित बताते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की।

परिसीमन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर गंभीर आरोप

राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि संसद में ताकत घटने की वजह से सरकार डरी हुई है। " उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ओबीसी (OBC), दलित और मुसलमानों से सत्ता छीनने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी ने कहा कि यह बिल महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नहीं है, बल्कि देश के चुनावी नक्शे को बदलने की एक कोशिश है, जिसमें महिलाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।

जाति जनगणना और प्रतिनिधित्व का मुद्दा

कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर ओबीसी वर्ग को सत्ता और उचित प्रतिनिधित्व देने से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य एजेंडा यही है कि अगले 15 सालों तक जाति जनगणना का प्रतिनिधित्व से कोई लेना-देना न हो। राहुल गांधी के अनुसार, भाजपा अपनी कम होती ताकत से भयभीत है और भारतीय राजनीतिक नक्शे को फिर से बदलने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार दक्षिणी राज्यों, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों से उनका प्रतिनिधित्व छीनने की कोशिश कर रही है ताकि भाजपा सत्ता में बनी रहे और उन्होंने इन कदमों को 'देश-विरोधी' करार देते हुए कहा कि पूरा विपक्ष इसे मिलकर हराएगा।