प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का औपचारिक उद्घाटन करेंगे और लगभग ₹12,000 करोड़ की लागत से तैयार यह 213 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे राष्ट्रीय राजधानी और उत्तराखंड की राजधानी के बीच कनेक्टिविटी को पूरी तरह से बदल देगा। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य न केवल यात्रा के समय को कम करना है, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को एक नई गति प्रदान करना भी है और प्रधानमंत्री इस अवसर पर एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड सेक्शन का निरीक्षण करेंगे और एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
यात्रा समय में भारी कटौती और बेहतर कनेक्टिविटी
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी समय के लिहाज से आधी से भी कम रह जाएगी। 5 घंटे रह जाएगा। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, बागपत और उत्तराखंड के देहरादून को सीधे जोड़ेगा और अधिकारियों के अनुसार, यह हाई-स्पीड कॉरिडोर उत्तर भारत के प्रमुख आर्थिक केंद्रों के बीच माल ढुलाई और यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाएगा।
एशिया का सबसे लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग विशेषता इसका पर्यावरण अनुकूल डिजाइन है। राजाजी नेशनल पार्क के संवेदनशील वन्यजीव क्षेत्र से गुजरने के कारण, इसमें 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाया गया है। यह एशिया में अपनी तरह का सबसे लंबा कॉरिडोर है। वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसमें 8 विशिष्ट एनिमल पास बनाए गए हैं। विशेष रूप से हाथियों की आवाजाही के लिए 200-200 मीटर के दो अंडरपास तैयार किए गए हैं, ताकि सड़क यातायात से जानवरों को कोई खतरा न हो।
आधुनिक बुनियादी ढांचा और सुरक्षा विशेषताएं
परियोजना के तहत अत्याधुनिक इंजीनियरिंग का उपयोग किया गया है। इसमें 10 इंटरचेंज, 3 रेलवे ओवर ब्रिज (ROB), 4 बड़े पुल और 12 वे-साइड सुविधाएं विकसित की गई हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए पूरे कॉरिडोर पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाया गया है। इसके अलावा, एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में 370 मीटर लंबी टनल का निर्माण भी किया गया है। यह बुनियादी ढांचा न केवल गति बल्कि सुरक्षा के मानकों पर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का है।
पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा
अधिकारियों के अनुसार, यह इकोनॉमिक कॉरिडोर उत्तराखंड में पर्यटन क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। दिल्ली-एनसीआर से आने वाले पर्यटकों के लिए देहरादून, मसूरी और ऋषिकेश तक पहुंचना अब बहुत आसान हो जाएगा। इसके साथ ही, सहारनपुर और आसपास के क्षेत्रों के स्थानीय उद्योगों को भी अपनी सामग्री दिल्ली के बाजारों तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी। यह परियोजना क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
उद्घाटन कार्यक्रम और मां डाट काली मंदिर में पूजा
प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कॉरिडोर के एलिवेटेड सेक्शन पर बने वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वे देहरादून के पास स्थित प्रसिद्ध मां डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। मंदिर में दर्शन के पश्चात, प्रधानमंत्री एक जनसभा को संबोधित करेंगे और इस महत्वाकांक्षी परियोजना को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
