बिहार की राजनीति में एक बड़े अध्याय का अंत होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा देंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कल यानी मंगलवार को कैबिनेट की आखिरी बैठक बुलाई गई है, जिसके तुरंत बाद नीतीश कुमार राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंपेंगे। इस इस्तीफे के साथ ही राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को सुबह 11:00 बजे पटना के लोकभवन में आयोजित किया जाएगा। राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा ने इस समारोह की तैयारियों की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।
मंगलवार का राजनीतिक घटनाक्रम और कैबिनेट बैठक
मंगलवार का दिन बिहार की राजनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाला है। सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की अंतिम बैठक होगी और इस बैठक में सरकार के अब तक के कार्यों और विदाई औपचारिकताओं पर चर्चा होने की संभावना है। कैबिनेट बैठक समाप्त होने के तुरंत बाद नीतीश कुमार सीधे राजभवन के लिए रवाना होंगे। वहां वे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे, जिससे वर्तमान सरकार का कार्यकाल आधिकारिक रूप से समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही एनडीए के नए नेता के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा पेश करने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है।
भाजपा विधायक दल की बैठक और पर्यवेक्षक की भूमिका
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद भाजपा की ओर से अगली कार्रवाई शुरू होगी। मंगलवार को दोपहर 2:00 बजे भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय में विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सभी भाजपा विधायकों के साथ-साथ केंद्रीय कृषि मंत्री और पार्टी द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वर शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहेंगे। इस बैठक का मुख्य एजेंडा भाजपा विधायक दल के नेता का चुनाव करना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इसी बैठक में तय होगा कि भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा कौन होगा। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद ही आगे की रणनीति स्पष्ट होगी।
एनडीए विधायक दल की संयुक्त बैठक और प्रस्ताव
भाजपा की बैठक के बाद शाम 4:00 बजे एनडीए विधायक दल की एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में जदयू, भाजपा और गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों के विधायक शामिल होंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बैठक में निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद नए मुख्यमंत्री के नाम का प्रस्ताव रखेंगे। इस प्रस्ताव पर सर्वसम्मति बनने के बाद एनडीए के नए नेता के नेतृत्व में राजभवन जाकर सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया जाएगा। सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर जदयू के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें संजय झा, ललन सिंह और बिजेंद्र यादव शामिल थे, ने नीतीश कुमार के साथ लंबी चर्चा की है।
प्रशासनिक तैयारियां और शपथ ग्रहण का कार्यक्रम
नई सरकार के गठन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। 15 अप्रैल को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए लोकभवन को चुना गया है। राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा ने सुरक्षा और प्रोटोकॉल को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की है। शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11:00 बजे शुरू होगा, जिसमें नए मुख्यमंत्री के साथ-साथ मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य भी शपथ ले सकते हैं। उपमुख्यमंत्री पद को लेकर भी गठबंधन के भीतर गहन मंथन चल रहा है, जिसकी घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार का आखिरी कार्यदिवस
अपने कार्यकाल के आखिरी पूरे दिन भी नीतीश कुमार पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। सोमवार को उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में विकास कार्यों का जायजा लिया और वे अपने काफिले के साथ मुख्यमंत्री आवास से निकले और जेपी सेतु होते हुए छपरा के बाकरपुर पहुंचे। वहां उन्होंने निर्माणाधीन फोरलेन और पुल निर्माण कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। राजनीतिक हलकों में उनके इस दौरे को लेकर कई कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे एक सामान्य विकास कार्यों का निरीक्षण बताया।
