प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान भारत और इटली के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों पर विशेष जोर दिया है। रोम में इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य में पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को एक नई मजबूती और दिशा मिली है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत और इटली के बीच रक्षा सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वर्तमान में भारत-इटली इनोवेशन सेंटर पर तेजी से काम चल रहा है, जो दोनों देशों के बीच तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देगा।
दो महान सभ्यताओं का ऐतिहासिक मिलन
रोम में अपने और अपने प्रतिनिधिमंडल के भव्य स्वागत के लिए प्रधानमंत्री मेलोनी का आभार व्यक्त करते हुए पीएम मोदी ने रोम को दुनिया के 'शाश्वत शहर' (Eternal City) के रूप में संबोधित किया। उन्होंने इसकी तुलना भारत में अपने लोकसभा क्षेत्र काशी से की, जिसे इसी तरह के शाश्वत शहर के रूप में जाना जाता है। पीएम मोदी ने कहा कि जब दो प्राचीन सभ्यताएं आपस में मिलती हैं, तो उनकी चर्चाएं केवल किसी निर्धारित एजेंडे तक सीमित नहीं रहतीं। इन वार्ताओं में इतिहास की गहराई, भविष्य की एक स्पष्ट झलक और मित्रता की सरलता को स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सकता है।
रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले साढ़े तीन साल के समय में उन्हें प्रधानमंत्री मेलोनी से 7 बार मिलने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि यह निरंतरता भारत और इटली के बीच बढ़ते सहयोग का प्रमाण है। आतंकवाद के मुद्दे पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद मानवता के लिए एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिम्मेदार लोकतंत्र केवल आतंकवाद की आलोचना नहीं करते, बल्कि उसके खिलाफ ठोस कदम उठाते हैं। उन्होंने इस बात की सराहना की कि इटली टेरर फाइनेंसिंग के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ मजबूती से खड़ा है।
26 साल बाद ऐतिहासिक द्विपक्षीय यात्रा
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि आज रोम में दोनों देश अपने संबंधों को एक विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जा रहे हैं, जो दो देशों के संबंधों में अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। उन्होंने कहा कि अब इटली और भारत पहले से कहीं ज्यादा करीब आ गए हैं और यह संबंध अपनी पूरी क्षमता दिखाने में सक्षम हैं। मेलोनी ने कहा कि पिछले साढ़े तीन साल में पीएम मोदी के साथ उनकी 7 मुलाकातें हुई हैं, जिससे उन्हें एक-दूसरे के नजरिए को गहराई से समझने में मदद मिली है।
नेतृत्व और आपसी विश्वास की सराहना
जॉर्जिया मेलोनी ने व्यक्तिगत रूप से पीएम मोदी के विजन, उनके व्यावहारिक दृष्टिकोण और उनके नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार में इतने साल बिताने के बाद भी पीएम मोदी की अपने नागरिकों के बीच लोकप्रियता उनके नेतृत्व का प्रमाण है। मेलोनी ने कहा कि पीएम मोदी 2014 से भारत का नेतृत्व कर रहे हैं, लेकिन इटली की उनकी यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले किसी भारतीय प्रधानमंत्री की द्विपक्षीय यात्रा साल 2000 में हुई थी, यानी पूरे 26 साल पहले। इस यात्रा के माध्यम से न केवल इस लंबे अंतराल को भरा जा रहा है, बल्कि संबंधों में नई जान फूंकने का फैसला भी किया गया है।
हिंद-प्रशांत और समुद्री सुरक्षा
बातचीत के समापन पर पीएम मेलोनी ने कहा कि भारत और इटली ने सम्मान और आपसी विश्वास पर आधारित एक सच्ची दोस्ती कायम की है। उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता के महत्व पर भी जोर दिया और उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह साझेदारी अब अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के लिए पूरी तरह तैयार है और दोनों देश मिलकर वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
