पीएम मोदी का मेरठ में कांग्रेस पर प्रहार, एआई सम्मेलन में विरोध को बताया 'वैचारिक दिवालियापन'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में एक जनसभा के दौरान कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने दिल्ली में आयोजित वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन के दौरान कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को देश की छवि खराब करने वाला बताया और इसे पार्टी का वैचारिक दिवालियापन करार दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला और मेरठ मेट्रो के उद्घाटन के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने दिल्ली में हाल ही में संपन्न हुए वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिखर सम्मेलन का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भारत की वैश्विक सफलता को पचाने में असमर्थ होने के कारण एक अंतरराष्ट्रीय मंच को अपनी राजनीति का अखाड़ा बना दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब पूरा देश प्रगति कर रहा है, तब मुख्य विपक्षी दल देश के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियों में लिप्त है।

वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े एआई सम्मेलन की सफलता का विवरण दिया और उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने भारत की राजधानी दिल्ली में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रधानमंत्री के अनुसार, विकासशील देशों के इतिहास में इस स्तर का तकनीकी और कूटनीतिक आयोजन पहले कभी नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने भारत को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर एक अग्रणी शक्ति के रूप में स्थापित किया है, लेकिन विपक्ष ने इस गौरवशाली क्षण को धूमिल करने का प्रयास किया।

कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर तीखी टिप्पणी

पीएम मोदी ने कांग्रेस नेताओं द्वारा सम्मेलन स्थल पर किए गए विरोध प्रदर्शन की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि विदेशी अतिथियों की उपस्थिति में कांग्रेस के नेताओं ने जिस प्रकार का आचरण किया, वह उनकी हताशा को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने प्रतीकात्मक लहजे में कहा कि कांग्रेस पहले से ही अपनी राजनीतिक जमीन खो चुकी है, ऐसे में इस तरह के प्रदर्शनों की कोई आवश्यकता नहीं थी और उन्होंने इस व्यवहार को 'गंदी राजनीति' करार देते हुए कहा कि यह घटनाक्रम दिखाता है कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी वैचारिक रूप से कितनी दिवालिया हो चुकी है।

राष्ट्रीय छवि और अतिथि सत्कार की परंपरा

प्रधानमंत्री ने भारतीय संस्कृति और अतिथि सत्कार के मूल्यों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत में परंपरा रही है कि गांव में किसी के घर विवाह होने पर पूरा गांव उसे सफल बनाने में जुट जाता है ताकि मेहमान अच्छी छवि लेकर जाएं। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि इसके विपरीत, कांग्रेस अपने ही देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई समिट किसी राजनीतिक दल या भाजपा का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह पूरे देश के सम्मान और भविष्य से जुड़ा एक राष्ट्रीय आयोजन था।

विपक्षी दलों की दूरी और संसदीय आचरण

अपने भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस की इन हरकतों के कारण कई अन्य विपक्षी दलों ने भी उनसे दूरी बना ली है और उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 'नंगेपन' को देखने के बाद उनके गठबंधन के साथियों ने भी किनारा करना शुरू कर दिया है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ने संसद की कार्यवाही में कांग्रेस द्वारा डाले जा रहे व्यवधानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न केवल बाहर बल्कि संसद के भीतर भी अपने साथियों को बोलने का मौका नहीं देती और सदन की कार्यवाही को बाधित करने का निरंतर प्रयास करती है।

मेरठ मेट्रो और विकास परियोजनाओं का संदर्भ

प्रधानमंत्री ने मेरठ मेट्रो के उद्घाटन को क्षेत्र के विकास के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जबकि विपक्ष केवल विरोध की राजनीति में व्यस्त है। उन्होंने मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए किए जा रहे प्रयासों का विवरण दिया और कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचा ही विकसित भारत के संकल्प को पूरा करेगा। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि देश की जनता विकास और नकारात्मक राजनीति के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से देख रही है।