Israel-Hamas War / इजरायली बंधकों की रिहाई पर PM मोदी का बयान, ट्रंप के शांति प्रयासों की सराहना

इजरायल और हमास के बीच सीजफायर के बाद इजरायली बंधकों की रिहाई पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बयान दिया है। उन्होंने दो साल से अधिक की कैद के बाद सभी बंधकों की रिहाई का स्वागत किया और राष्ट्रपति ट्रंप के शांति प्रयासों तथा नेतन्याहू के संकल्प की सराहना की।

गाजा पट्टी में लगभग दो साल से जारी इजरायल-हमास जंग रुक गई है। सोमवार को हुए सीजफायर समझौते के तहत हमास ने 20 इजरायली बंधकों को रिहा कर दिया, जिसके जवाब में इजरायल ने भी 1900 से अधिक फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ा और यह रिहाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इजरायल दौरे के बीच हुई है, जो युद्धविराम और बंधक समझौते का जश्न मनाने पहुंचे हैं। इस पूरी प्रक्रिया पर अब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी पहला बयान सामने आया है।

पीएम मोदी ने सोमवार को इजरायली बंधकों की रिहाई पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा, "हम दो साल से अधिक की कैद के बाद सभी बंधकों की रिहाई का स्वागत करते हैं। उनकी स्वतंत्रता उनके परिवारों के साहस, राष्ट्रपति ट्रंप के अटूट शांति प्रयासों और प्रधान मंत्री नेतन्याहू के मजबूत संकल्प के लिए एक श्रद्धांजलि है। " उन्होंने आगे कहा, "हम क्षेत्र में शांति लाने के राष्ट्रपति ट्रंप के ईमानदार प्रयासों का समर्थन करते हैं। " यह बयान वैश्विक समुदाय के लिए शांति और मानवीयता के महत्व को रेखांकित करता है।

जंग की शुरुआत और वर्तमान स्थिति

इजरायल-हमास जंग 7 अक्टूबर 2023 को तब शुरू हुई थी जब हमास ने इजरायल में घुसकर नरसंहार किया था, जिसमें लगभग 1200 इजरायली मारे गए थे और करीब 250 लोगों को बंधक बना लिया गया था। गाजा में हमास के स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस युद्ध में 67,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं। सीजफायर समझौता होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इजरायल पहुंचे और उन्होंने इजरायल की संसद 'नेसेट' को संबोधित किया। ट्रंप सोमवार को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ एक "शांति शिखर सम्मेलन" की सह-अध्यक्षता भी करेंगे, जिसका उद्देश्य गाजा में दो साल से अधिक समय से जारी इजरायल-हमास जंग को स्थायी रूप से समाप्त करना है।

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