पीएम मोदी का टीएमसी पर हमला: राष्ट्रपति के अपमान पर जताई आपत्ति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में ₹33,500 करोड़ की परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान टीएमसी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा राष्ट्रपति के कार्यक्रम का बहिष्कार नारी शक्ति और आदिवासी समाज का अपमान है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखा प्रहार किया। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अनादर किया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस तरह का कृत्य न केवल एक व्यक्ति का, बल्कि पूरे देश की नारी शक्ति, आदिवासी समाज और संवैधानिक परंपराओं का अपमान है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि देश और पश्चिम बंगाल की जनता इस व्यवहार के लिए टीएमसी को कभी माफ नहीं करेगी।

राष्ट्रपति के सम्मान और संवैधानिक मर्यादा पर प्रहार

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संथाल आदिवासी परंपरा के सम्मान में आयोजित एक महत्वपूर्ण समारोह में शामिल होने के लिए पश्चिम बंगाल गई थीं। प्रधानमंत्री के अनुसार, टीएमसी सरकार ने इस पवित्र और महत्वपूर्ण कार्यक्रम का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति स्वयं एक आदिवासी पृष्ठभूमि से आती हैं और उन्होंने संथाल समुदाय के प्रति हमेशा गहरी संवेदनशीलता दिखाई है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस कार्यक्रम का बहिष्कार करना राष्ट्रपति के पद और देश की लोकतांत्रिक गरिमा के विरुद्ध है। उनके अनुसार, यह कृत्य दर्शाता है कि राज्य सरकार संवैधानिक प्रमुख के प्रति किस तरह का दृष्टिकोण रखती है।

₹33,500 करोड़ की विकास परियोजनाओं का विवरण

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने दिल्ली के विकास के लिए ₹33,500 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं में मुख्य रूप से परिवहन और बुनियादी ढांचे में सुधार शामिल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली के नागरिकों ने एक वर्ष पहले जिस विश्वास के साथ भाजपा की सरकार चुनी थी, यह विकास कार्य उसी का परिणाम हैं। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से दिल्ली की अविरत विकास धारा को नई गति मिलेगी और प्रधानमंत्री ने दिल्ली के नागरिकों को इन नई सुविधाओं के लिए बधाई दी और कहा कि केंद्र सरकार राजधानी के कायाकल्प के लिए प्रतिबद्ध है।

'लखपति दीदी' योजना की उपलब्धि और महिला सशक्तिकरण

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरकार ने 3 करोड़ महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने का जो लक्ष्य रखा था, उसे सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब यह योजना शुरू की गई थी, तब कई लोगों ने इस पर संदेह व्यक्त किया था और इसे राजनीतिक कदम बताया था। हालांकि, अब 3 करोड़ से अधिक महिलाएं इस मील के पत्थर को हासिल कर चुकी हैं। उन्होंने इसे देश की नारी शक्ति की आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम करार दिया।

दिल्ली मेट्रो फेज 4 और बुनियादी ढांचे में सुधार

प्रधानमंत्री ने दिल्ली मेट्रो के फेज 4 के नए सेक्शन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस नए विस्तार से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ होगा और मेट्रो के इस नए खंड से न केवल दिल्ली के भीतर यात्रा सुगम होगी, बल्कि गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे एनसीआर के शहरों से कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। प्रधानमंत्री के अनुसार, बुनियादी ढांचे में यह निवेश दिल्ली-एनसीआर के आर्थिक विकास को गति देगा और लोगों के दैनिक जीवन में आने वाली परिवहन संबंधी समस्याओं को कम करेगा।

पिछली राज्य सरकार पर राजनीतिक निशाना और विकास मॉडल

प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली की पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की कार्यशैली 'काम कम और बहाने ज्यादा' वाली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ के कारण मेट्रो फेज 4 जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में देरी की गई, जिससे दिल्ली की जनता को असुविधा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब दिल्ली में 'बहाने बंद, काम शुरू' का मॉडल प्रभावी है। उन्होंने दावा किया कि पहले जो प्रोजेक्ट फाइलों में दबे रहते थे, वे अब जमीन पर उतर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि दिल्ली के चौतरफा विकास के लिए एक स्थिर और विकासोन्मुख शासन अनिवार्य है।