पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राज्य के दौरे के दौरान हुए कथित अनादर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा पलटवार किया है। कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस के धरना मंच से बोलते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिलीगुड़ी में आयोजित 'अंतरराष्ट्रीय आदिवासी संताल सम्मेलन' राज्य सरकार का आधिकारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक निजी संगठन द्वारा आयोजित किया गया था। ममता बनर्जी ने इस दौरान एक तस्वीर भी प्रदर्शित की, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री के आचरण पर सवाल उठाए।
प्रधानमंत्री के आचरण पर उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने कोलकाता में धरना मंच से एक तस्वीर जारी की और प्रधानमंत्री मोदी से सीधे सवाल किया। उन्होंने तस्वीर दिखाते हुए कहा कि जब राष्ट्रपति खड़ी थीं, तब प्रधानमंत्री बैठे हुए थे। मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या यह राष्ट्रपति का सम्मान करने का तरीका है? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने आचरण को देखना चाहिए और बनर्जी के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस और उनकी सरकार हर संवैधानिक पद का सम्मान करती है और राष्ट्रपति मुर्मू के प्रति उनके मन में गहरा सम्मान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को तूल दे रही है।
निजी संगठन और राज्य सरकार की भूमिका
मुख्यमंत्री ने सिलीगुड़ी में हुए कार्यक्रम की प्रकृति को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन एक निजी संगठन द्वारा किया गया था और इसमें राज्य सरकार की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। ममता बनर्जी के अनुसार, राज्य सरकार ने पहले ही एक पत्र भेजकर सूचित किया था कि संबंधित संगठन के पास भारत के राष्ट्रपति के कद के अनुरूप कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यक क्षमता या संसाधन नहीं हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन चेतावनियों के बावजूद राष्ट्रपति ने अपनी इच्छा से निमंत्रण स्वीकार किया था और मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि कार्यक्रम में भीड़ की कमी या अन्य व्यवस्थाओं के लिए आयोजक जिम्मेदार हैं, न कि राज्य प्रशासन।
एयरपोर्ट अथॉरिटी और बुनियादी ढांचे पर स्पष्टीकरण
कार्यक्रम के दौरान वॉशरूम और ग्रीन रूम जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर उठाए गए विवादों पर ममता बनर्जी ने तकनीकी पहलुओं को सामने रखा। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर कार्यक्रम हो रहा था, वह एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के अधिकार क्षेत्र में आता है। ग्रीन रूम का निर्माण आयोजकों द्वारा किया गया था और वह क्षेत्र राज्य सरकार के नियंत्रण में नहीं था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कुछ समय पहले गृह मंत्री अमित शाह ने भी उसी क्षेत्र में बैठक की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि बुनियादी ढांचे में कोई कमी थी, तो इसके लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी और निजी आयोजक जिम्मेदार हैं, और इसके लिए राज्य सरकार को दोष देना अनुचित है।
कार्यक्रम में अनुपस्थिति का कारण
अपनी अनुपस्थिति के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि वह कोलकाता में लोगों के अधिकारों के लिए धरने पर बैठी थीं। उन्होंने कहा कि जब यह धरना शुरू हुआ, तब उन्हें राष्ट्रपति के इस विशिष्ट कार्यक्रम के विवरण की जानकारी नहीं थी। मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि वह राज्य के नागरिकों के मतदान के अधिकारों और उनके हितों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही हैं, जिसे वह बीच में नहीं छोड़ सकती थीं। उन्होंने यह भी बताया कि कोलकाता के मेयर कार्यक्रम में मौजूद थे, जो राज्य की उपस्थिति को दर्शाता है। बनर्जी ने कहा कि उन्होंने पहले ही सरकार की ओर से दिए गए जवाबों को सार्वजनिक कर दिया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
चुनावी राजनीति और समुदायों का उल्लेख
ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही केंद्र सरकार बंगाल को निशाना बनाना शुरू कर देती है और उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री केवल चुनाव के समय ही बाउरी, बागड़ी, लोधा, सबर, मुंडा, संथाल, मतुआ और राजबंशी जैसे समुदायों की बात करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार साल भर सभी धर्मों और समुदायों के लिए काम करती है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के आयोजन पर प्रधानमंत्री के ट्वीट का भी जवाब दिया और कहा कि बंगाल में महिलाओं का सम्मान करना एक परंपरा है जिसे वे बचपन से निभाती आ रही हैं। उन्होंने केंद्र पर संघीय ढांचे का अपमान करने और राज्य को बदनाम करने का आरोप लगाया।
