राहुल गांधी का ममता बनर्जी पर तीखा हमला: 'मुझसे 55 घंटे पूछताछ, दीदी पर कोई जांच नहीं'

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर में ममता बनर्जी और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ईडी की पूछताछ, मुकदमों और बंगाल में बेरोजगारी व भ्रष्टाचार के मुद्दों पर टीएमसी सरकार को घेरा, जबकि टीएमसी ने इसे गैर-जिम्मेदाराना बयान बताया है।

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को केंद्र की भाजपा सरकार और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे फेज के लिए हुगली जिले के श्रीरामपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने उनके खिलाफ कई केस दर्ज किए हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा इसलिए है क्योंकि ममता बनर्जी सीधे तौर पर भाजपा से नहीं लड़ती हैं।

ED की पूछताछ और मुकदमों का विवरण

राहुल गांधी ने अपनी रैली के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई में भेदभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने उनसे लगातार पांच दिनों में 55 घंटे तक पूछताछ की। ' विपक्ष के नेता ने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के खिलाफ ED या CBI की कोई जांच नहीं चल रही है। उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि वह वर्तमान में बेल पर बाहर हैं। ' उन्होंने यह भी साझा किया कि इन मुकदमों की पैरवी के लिए उन्हें हर 10-15 दिन में झारखंड, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात और बिहार जैसे विभिन्न राज्यों का दौरा करना पड़ता है।

विचारधारा की लड़ाई और भाजपा से साठगांठ का आरोप

राहुल गांधी ने दावा किया कि केवल कांग्रेस पार्टी ही विचारधारा के आधार पर भाजपा का मुकाबला कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन पर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य नेताओं पर चौबीसों घंटे हमला करते हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी केवल चुनाव के दौरान ही टीएमसी प्रमुख पर हमला करते हैं। ' उनके अनुसार, मोदी जानते हैं कि केवल कांग्रेस पार्टी ही भाजपा, आरएसएस और उनकी विचारधारा को हराने में सक्षम है, तृणमूल कांग्रेस नहीं।

बंगाल में बेरोजगारी और औद्योगिक गिरावट पर प्रहार

रैली के दौरान राहुल गांधी ने टीएमसी सरकार पर पश्चिम बंगाल में उद्योगों को नष्ट करने और बेरोजगारी बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंगाल में नौकरी पाने के लिए किसी का टीएमसी नेता का रिश्तेदार होना जरूरी है, अन्यथा उसे रोजगार नहीं मिलता। उन्होंने मुख्यमंत्री पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और गुंडों के फायदे के लिए काम करने का आरोप लगाया और पास के हिंदमोटर में बंद पड़ी हिंदुस्तान मोटर्स फैक्ट्री की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि बंगाल कभी देश में उद्योगों का केंद्र था, लेकिन पहले लेफ्ट फ्रंट और फिर टीएमसी ने इसे खत्म कर दिया।

घोटालों और कानून व्यवस्था पर सवाल

राहुल गांधी ने टीएमसी शासन के दौरान हुए भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा कि हजारों करोड़ रुपये के सारदा और रोज वैली पोंजी स्कैम इसी सरकार के दौरान हुए। उन्होंने राज्य में कोयला तस्करी, गैर-कानूनी माइनिंग और 'गुंडा टैक्स' वसूले जाने के गंभीर आरोप लगाए। रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने पूछा कि 2021 में किए गए पांच लाख नौकरियों के वादे का क्या हुआ? उन्होंने दावा किया कि बंगाल में 84 लाख युवाओं ने बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया है। महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने 2024 में आर जी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक ऑन-ड्यूटी डॉक्टर के साथ हुए रेप और मर्डर की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी बंगाल में भाजपा के लिए रास्ता खोल रही हैं।

टीएमसी का राहुल गांधी पर पलटवार

राहुल गांधी के इन आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और टीएमसी प्रवक्ता और मंत्री डॉ. शशि पांजा ने राहुल गांधी के बयानों को 'गैर-जिम्मेदाराना' करार दिया। उन्होंने कहा कि टीएमसी नेताओं को चुनाव के दौरान भी ED और CBI के समन भेजे जा रहे हैं, जबकि राहुल गांधी अपने कुत्ते के साथ खेलने और बिस्कुट खिलाने में व्यस्त हैं। पांजा ने कहा कि बंगाल और भारत की जनता तय करेगी कि भाजपा को हराने में कौन सक्षम है। उन्होंने यह भी तंज कसा कि अगर कांग्रेस ने ईमानदारी से लड़ाई लड़ी होती, तो भाजपा महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और बिहार जैसे राज्यों में नहीं जीत पाती।