AAP में बड़ी बगावत: राघव चड्ढा ने छोड़ी पार्टी, 7 सांसदों के साथ BJP में विलय का दावा

आम आदमी पार्टी में बड़ी बगावत हो गई है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दावा किया है कि उनके साथ पार्टी के दो-तिहाई से ज्यादा सांसद हैं और वे सभी भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय करने जा रहे हैं।

आम आदमी पार्टी (AAP) के संसदीय दल में एक बहुत बड़ी बगावत की खबर सामने आई है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आधिकारिक तौर पर दावा किया है कि उनके साथ आम आदमी पार्टी के 7 सांसद हैं, जिन्होंने पार्टी छोड़ दी है। राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस घटनाक्रम की जानकारी दी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंच पर राघव चड्ढा के साथ दो अन्य सांसद, संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद रहे। राघव चड्ढा ने स्पष्ट रूप से दावा किया कि आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से पूरी तरह भटक गई है और इसी कारण से दो-तिहाई सांसद अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने जा रहे हैं।

सिद्धांतों से भटकाव का लगाया आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने पार्टी के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'जिस आम आदमी पार्टी को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वह अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल सिद्धांतों से भटक गई है। ' चड्ढा ने आगे भावुक होते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों से उन्हें ऐसा महसूस हो रहा था कि वह एक गलत पार्टी में सही आदमी हैं। इसी के चलते उन्होंने आज आम आदमी पार्टी से अलग होने और जनता के करीब आने की घोषणा की है।

BJP में विलय की संवैधानिक प्रक्रिया

संदीप पाठक और अशोक मित्तल की उपस्थिति में राघव चड्ढा ने भविष्य की रणनीति का खुलासा किया। ' यह कदम आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि दो-तिहाई सदस्यों का अलग होना दल-बदल कानून के तहत विलय की श्रेणी में आता है।

इन सांसदों का मिला समर्थन

राघव चड्ढा ने दावा किया कि उनके पास दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों का समर्थन प्राप्त है।

संदीप पाठक का बयान

इस दौरान सांसद संदीप पाठक ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी खुद को आगे नहीं रखा और हमेशा आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को प्राथमिकता दी। पाठक ने कहा कि देश में लाखों पार्टी कार्यकर्ता हैं जो आम आदमी पार्टी को आगे रखते हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि पार्टी अपने सिद्धांतों से भटक गई है।