भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एलपीजी वितरण प्रणाली को लेकर एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किया है। नए आदेश के अनुसार, जिन परिवारों के पास पहले से ही पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन उपलब्ध है, उन्हें अब एलपीजी सिलेंडर रिफिल करने या नया कनेक्शन लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह निर्णय शनिवार को एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर में संशोधन के माध्यम से लागू किया गया है। मंत्रालय का यह कदम ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में अनिश्चितता बनी हुई है।
एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर में संशोधन
मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए सप्लाई ऑर्डर के तहत एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर के मौजूदा प्रावधानों में बदलाव किया गया है। इस संशोधन का प्राथमिक उद्देश्य उन क्षेत्रों में एलपीजी की उपलब्धता को सीमित करना है जहां पहले से ही पीएनजी नेटवर्क का विस्तार हो चुका है। आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, तेल विपणन कंपनियों को अब उन उपभोक्ताओं की पहचान करनी होगी जिनके पास पीएनजी की सुविधा है और उनके एलपीजी रिफिल अनुरोधों को अस्वीकार करना होगा।
पीएनजी ग्राहकों के लिए नए प्रतिबंध
नए नियमों के तहत, पीएनजी नेटवर्क की पहुंच वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग अब नए एलपीजी कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, जिनके पास पहले से एलपीजी सिलेंडर मौजूद है और उन्होंने पीएनजी कनेक्शन भी ले लिया है, वे अपने मौजूदा सिलेंडर को रिफिल नहीं करवा पाएंगे। सरकार का मानना है कि एक ही घर में दो प्रकार के घरेलू ईंधन की उपलब्धता से संसाधनों का दोहराव होता है और सब्सिडी वाले ईंधन के दुरुपयोग की संभावना बनी रहती है।
आपूर्ति व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने का लक्ष्य
इस निर्णय के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य घरेलू ईंधन के वितरण को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना है। अधिकारियों के अनुसार, सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग केवल उन क्षेत्रों और परिवारों तक सीमित होना चाहिए जहां पीएनजी जैसी वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। इससे न केवल सरकारी खजाने पर सब्सिडी का बोझ कम होगा, बल्कि उन क्षेत्रों में आपूर्ति बेहतर होगी जहां एलपीजी ही खाना पकाने का एकमात्र साधन है।
पश्चिमी एशिया संकट का प्रभाव
वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां, विशेष रूप से पश्चिमी एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव, इस निर्णय के पीछे एक बड़ा कारक माना जा रहा है। इस क्षेत्र में अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। ऐसी स्थिति में सरकार घरेलू स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का प्रबंधन अधिक सावधानी से करना चाहती है ताकि भविष्य में किसी भी संभावित कमी से निपटा जा सके।
तेल कंपनियों के लिए निर्देश
पेट्रोलियम मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। कंपनियों को अपने डेटाबेस को पीएनजी प्रदाताओं के साथ साझा करने और मिलान करने के लिए कहा गया है ताकि उन ग्राहकों की पहचान की जा सके जो दोनों सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। यह प्रक्रिया वितरण केंद्रों और वितरकों के स्तर पर भी कड़ाई से लागू की जाएगी ताकि नियमों का उल्लंघन न हो।
