कोलकाता में EVM स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर भारी हंगामा, TMC और BJP नेता आमने-सामने

कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर टीएमसी नेताओं ने धरना शुरू कर दिया है। कुणाल घोष और शशि पांजा ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा नेता तापस राय भी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए हैं।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दो चरणों का मतदान संपन्न होने के बाद अब ईवीएम की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है और कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम स्थित स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भारी हंगामा किया। टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया है कि स्ट्रॉन्ग रूम में रखी गई ईवीएम के साथ गड़बड़ी करने का प्रयास किया जा रहा है। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व टीएमसी नेता शशि पांजा और कुणाल घोष कर रहे हैं, जो स्ट्रॉन्ग रूम के सामने ही धरने पर बैठ गए हैं। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब भाजपा नेता तापस राय भी अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए, जिससे दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और जमकर नारेबाजी हुई।

टीएमसी के गंभीर आरोप और सीसीटीवी फुटेज का दावा

धरने पर बैठे टीएमसी नेता कुणाल घोष ने चुनाव आयोग और भाजपा पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की लाइवस्ट्रीमिंग और सीसीटीवी कैमरों में स्पष्ट देखा जा सकता है कि स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर कुछ लोग काम कर रहे हैं। घोष ने सवाल उठाया कि जब टीएमसी का कोई भी प्रतिनिधि अंदर मौजूद नहीं है, तो वहां काम कैसे चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है और अधिकारी उन्हें दूसरे उम्मीदवारों से बात करने के लिए कह रहे हैं। वहीं, शशि पांजा ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी तरह की हेरफेर नहीं होनी चाहिए और उन्हें यह प्रक्रिया क्यों नहीं दिखाई जा रही है। टीएमसी का आरोप है कि भाजपा और चुनाव आयोग के अधिकारी पार्टी प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में बैलेट बॉक्स खोलने की कोशिश कर रहे हैं।

स्ट्रॉन्ग रूम खोलने के समय पर विवाद

घटनाक्रम के विवरण के अनुसार, बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग पिछले बुधवार को हुई थी, जिसके बाद ईवीएम को खुदीराम अनुशीलन केंद्र के स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया था और कुणाल घोष ने बताया कि दोपहर 3:30 बजे तक पार्टी कार्यकर्ता वहां मौजूद थे, लेकिन उन्हें वहां से हटा दिया गया। इसके तुरंत बाद एक ई-मेल भेजा गया जिसमें सूचना दी गई कि स्ट्रॉन्ग रूम शाम 4 बजे फिर से खुलेगा। जब टीएमसी नेता वहां पहुंचे, तो उन्हें प्रवेश से रोक दिया गया। इस बीच, ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद इस धरने में शामिल हो सकती हैं और ममता बनर्जी ने पहले ही अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे काउंटिंग से पहले पूरी तरह सतर्क रहें और स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी करें ताकि कोई गड़बड़ी न हो सके।

भाजपा का पलटवार और सुरक्षा व्यवस्था

दूसरी ओर, भाजपा नेता तापस राय ने टीएमसी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि टीएमसी हार के डर से अफवाहें फैला रही है और अपनी जमीन तैयार कर रही है। राय ने स्पष्ट किया कि स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए तीन लेयर की सुरक्षा व्यवस्था तैनात है और भाजपा भी अपनी ओर से दो लोगों को निगरानी के लिए तैनात करेगी। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में हुए मतदान के बाद अब 4 मई को मतों की गणना की जाएगी। राज्य भर में मतगणना के लिए कुल 77 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।