केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को आधिकारिक तौर पर शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति के बाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे और उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है उसे वह पूर्ण विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निभाएंगे। शिक्षा क्षेत्र के लिए यह बदलाव एक अत्यंत महत्वपूर्ण समय पर आया है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और नई जिम्मेदारी
शिक्षा मंत्रालय के नेतृत्व में यह बदलाव तब हुआ जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह इस्तीफा नीट पेपर लीक को लेकर मचे भारी विवाद के बीच आया है। प्रधान के पद छोड़ने के बाद अब प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया है। अतिरिक्त प्रभार संभालने के बाद जोशी का पहला आधिकारिक बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने की प्रतिबद्धता जताई है।
जोशी ने कहा कि वह अपनी जिम्मेदारियों को पूरी विनम्रता और कर्तव्य के साथ निभाने का प्रयास करेंगे और शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें एक बहुत ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है जिसके लिए वह उनके आभारी हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में वह शिक्षा मंत्रालय के कार्यों को पूरी निष्ठा से पूरा करेंगे और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। जोशी ने दोहराया कि वह इस कार्य को पूरी लगन, विनम्रता और ईमानदारी के साथ संपन्न करेंगे।
धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना
अपने भविष्य के लक्ष्यों को बताने के साथ-साथ प्रह्लाद जोशी ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की भी जमकर सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू करने का श्रेय प्रधान को दिया। जोशी ने कहा कि हाल के वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 4 से 5 वर्षों के दौरान प्रधान के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को जमीन पर उतारा गया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई अहम कदम उठाए गए। जोशी के अनुसार नई शिक्षा व्यवस्था के क्षेत्र में देश ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है।
प्रह्लाद जोशी के वर्तमान मंत्रालय और पृष्ठभूमि
प्रह्लाद जोशी शिक्षा मंत्रालय की इस अतिरिक्त जिम्मेदारी के साथ-साथ अपने वर्तमान मंत्रालयों का कामकाज भी जारी रखेंगे। वर्तमान में वह उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जोशी कर्नाटक की धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद हैं। कैबिनेट में उनकी यह बहुआयामी भूमिका सरकार के उन पर भरोसे और उनके प्रशासनिक अनुभव को दर्शाती है।
छात्रों के प्रदर्शन और इस्तीफे का संदर्भ
नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपना इस्तीफा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे गए अपने इस्तीफे में प्रधान ने कहा कि उन्होंने छात्रों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने पत्र में उन्होंने चिंता व्यक्त की कि जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में बनी स्थितियों का फायदा देश विरोधी ताकतों द्वारा नहीं उठाया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश की एकता अक्षुण्ण रहनी चाहिए और भारत के किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी विवादों के जाल में नहीं फंसना चाहिए।
49 दिनों के बाद सीजेपी का आंदोलन समाप्त
इसी दौरान कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 49 दिनों से चल रहा अपना आंदोलन भी समाप्त कर दिया है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों तथा आयोजकों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने का आश्वासन मिलने के बाद यह आंदोलन वापस लिया गया। यह घटनाक्रम लगभग सात सप्ताह से चल रहे उस प्रदर्शन के समापन का प्रतीक है जिसने देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
सीजेपी और सरकार के बीच वार्ता
आंदोलन खत्म करने का यह निर्णय सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच 3 दौर की लंबी बातचीत के बाद लिया गया। इन बैठकों में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह जैसे वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने जानकारी दी कि आंदोलन को सद्भावना के आधार पर वापस लिया गया है। संगठन ने उम्मीद जताई है कि सरकार बातचीत के दौरान बनी सहमतियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर लागू करेगी।
