चंडीगढ़: हरियाणा के बाद पंजाब में भी लॉकडाउन लगा दिया गया है। राज्य में 15 मई तक मिनी लॉकडाउन रहेगा। इस दौरान राज्य में सिर्फ जरूरी दुकानें ही खुली रहेंगी। गैरजरूरी दुकानें राज्य में पूर्णरूप से बंद रहेंगी। यह फैसला कोविड के बढ़ते मामलों के कारण लिया गया है।
ये है गाइडलाइन
बैंक व सरकारी दरफ्तर 50 फीसदी क्षमता के साथ खुलेंगे।
कार, टैक्सी वगैरह में दो से ज्यादा लोग नहीं बैठ सकेंगे।
शादी, अंतिम संस्कार में 10 लोग से ज्यादा शामिल नहीं हो सकते हैं।
मिनी लाक डाउन के दौरान करियाना, दूध, मीट, अंडे, दवा की दुकानों, मेडिकल लैब आदि खुलेंगे।
पंजाब में आने वाले लोगों को अधिकतम 72 घंटे पुरानी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट दिखानी होगी।
अगर किसी को सिंगल डोज वैक्सीन लगी है तो दो सप्ताह से अधिक नहीं होनी चाहिए।
प्राइवेट आफिस के बारे में जारी अधिसूचना में कुछ नहीं कहा गया है।
किसान नेताओं व धार्मिक गुरुओं से अपील की गई है कि वह भीड़ एकत्र न करें।
होटल रेस्टोरेंट, ढाबे में लोग बैठकर खाना नहीं खा सकेंगे। पैकिंग की छूट रहेगी।
सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे, लेकिन शिक्षक व गैर शिक्षक ड्यूटी पर जा सकेंगे।
तेजी से बढ़ रहा संक्रमण
बता दें, पंजाब में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर लुधियाना, जालंधर, बठिंडा, मोहाली में संक्रमण तेजी के बढ़ा है। राज्य में मृत्यु दर भी बढ़ी है। रोजाना मरने वालों का आंकड़ा सौ से ऊपर जा रहा है। ऐसे में राज्य सरकार ने पहले सप्ताहांत लॉकडाउन लगाया। लेकिन, फिर भी लोग बाजारों में दिखे। इस बार पंजाब सरकार सख्ती के मूड़ में है। राज्य में मास्क न पहनने वालों पर पहले ही पुलिस सख्त है। अब राज्य में बाहर से आने वालों पर भी पुलिस की निगाह रहेगी। यही नहीं, राज्य आक्सीजन की कमी भी झेल रहा है। आक्सीजन की कमी के कारण भी कई मरीज दम तोड़ चुके हैं। राज्य सरकार के पास लॉकडाउन के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
राज्य में शनिवार को कोरोना के कारण 138 लोगों की मौत हुई, जबकि 7041 लोग पाजिटिव आए। बठिंडा में सबसे ज्यादा 22 लोगों की जान गई। वहीं, लुधियाना में सबसे ज्यादा 1600 पाजिटिव लोग संक्रमित पाए गए। यह अब तक के सबसे ज्यादा केस हैं। पंजाब में सक्रिय केसों की संख्या 58229 पहुंच गई है। अब तक 9160 लोगों की जान जा चुकी है। शनिवार को 4448 मरीज ठीक हुए।
