- भारत,
- 25-Jan-2026 06:05 PM IST
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश में बढ़ते वायु प्रदूषण के स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार और जनता का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित किया। राहुल गांधी का कहना है कि वायु प्रदूषण अब केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक गंभीर आर्थिक और स्वास्थ्य संकट बन चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम इस प्रदूषण की बहुत भारी कीमत चुका रहे हैं, जो हमारे स्वास्थ्य और हमारी अर्थव्यवस्था दोनों को खोखला कर रहा है।
गरीबों की जेब पर प्रदूषण का प्रहार
राहुल गांधी ने अपने बयान में विशेष रूप से समाज के उस वर्ग का जिक्र किया जो रोज कमाता और रोज खाता है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण का सबसे बुरा असर गरीब तबके,। विशेषकर निर्माण श्रमिकों और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ रहा है। जब प्रदूषण का स्तर बढ़ता है, तो निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी जाती है, जिससे इन मजदूरों की आजीविका छिन जाती है और इसके अलावा, प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के इलाज में होने वाला खर्च गरीब परिवारों की कमर तोड़ देता है। राहुल के अनुसार, यह प्रदूषण केवल फेफड़ों को ही नहीं,। बल्कि गरीब की मेहनत की कमाई को भी निगल रहा है।बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर खतरा
विपक्ष के नेता ने चेतावनी दी कि प्रदूषण का सबसे घातक प्रभाव हमारे बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। जहरीली हवा में सांस लेने के कारण बच्चों के फेफड़ों का विकास प्रभावित हो रहा है और बुजुर्गों को सांस संबंधी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हम अपनी आने वाली पीढ़ी को ऐसा भविष्य देना चाहते हैं जहां सांस लेना भी दूभर हो? राहुल गांधी ने लोगों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर आज ही आवाज उठाएं ताकि कल की सांसें बचाई जा सकें। उन्होंने कहा कि हमें अगली सर्दी का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि अभी से ठोस कदम उठाने होंगे।दिल्ली की आबोहवा में 100 दिन बाद सुधार
दिल्ली-एनसीआर के निवासियों के लिए राहत की खबर यह है कि करीब 100 दिनों के लंबे अंतराल के बाद हवा की गुणवत्ता में सुधार देखा गया है। शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश ने वातावरण में घुले प्रदूषकों को साफ कर दिया, जिससे शनिवार और रविवार को AQI के स्तर में भारी गिरावट दर्ज की गई और रविवार दोपहर को दिल्ली का AQI 155 के करीब दर्ज किया गया, जो पिछले कई महीनों की तुलना में काफी बेहतर है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह राहत अस्थायी हो सकती है। और प्रदूषण के स्थायी समाधान के लिए नीतिगत बदलावों की आवश्यकता है।We are paying a heavy price for air pollution - with our health and with our economy. Crores of ordinary Indians bear this burden every day.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 25, 2026
Children and the elderly suffer the most. Livelihoods, especially of construction workers and daily wage earners are severely impacted.…
