कानपुर / विकास दुबे के हाथ पिटे राहुल तिवारी ‘लापता’, 2 जुलाई को आखिरी बार बात

NavBharat Times : Jul 13, 2020, 11:31 AM
कानपुर: कुख्यात विकास दुबे के खिलाफ जिस राहुल तिवारी ने हत्या के प्रयास की रिपोर्ट लिखवाई थी, वह फिलहाल 'लापता' हैं। परिजनों का कहना है कि 2 जुलाई से ही राहुल का कुछ पता नहीं चल पा रहा है। दुर्दांत बदमाश विकास दुबे को यूपी एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने 10 जुलाई को कानपुर के पास मुठभेड़ में मार गिराया था। विकास पर आठ पुलिसवालों की हत्या का आरोप था।

जादेपुर गांव में रहने वाली राहुल की मां सुमन के अनुसार, राहुल से आखिरी बार दो जुलाई को बात हुई थी। वह अपनी पत्नी, बच्चों और साली को लेकर कहीं चले गए हैं। रविवार को पुलिस ने आकर परिजनों से कहा कि राहुल को पेश नहीं किया गया तो एफआईआर दर्ज होगी।ससुराल की जमीन बेचने का विवाद, विकास ने पीटा

जादेपुर गांव के राहुल तिवारी का मोहिनी निवादा गांव में ससुराल है। आरोप है कि वह ससुराल की जमीन बेचना चाहते थे, लेकिन पत्नी की बहनें इसका विरोध कर रही थीं। बिकरू में ब्याही राहुल की एक साली ने विकास से इसमें दखल देने को कहा तो विकास ने राहुल को पीटा। शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा के हस्तक्षेप के बाद एफआईआर दर्ज हुई।

एसओ के सामने विकास दुबे ने फिर पीटा

तत्कालीन एसओ विनय तिवारी के साथ जब राहुल एक जुलाई को बिकरू गांव पहुंचे, तब भी विकास ने उसे पीटा। अगले दिन राहुल परिवार के साथ कहीं चले गए थे। बकौल सुमन, राहुल ने फोन पर कहा था कि वह जहां है सुरक्षित हैं। चिंता मत करना। इसके बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ। बीते 10 दिनों में बदले घटनाक्रम में भी राहुल कहीं नजर नहीं आया।

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