महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में स्थित दिवेआगर समुद्र तट पर गुरुवार को एक अत्यंत हृदयविदारक घटना घटी। यहां समुद्र में नहाने के दौरान पुणे के आलंदी से आए 8 छात्रों की डूबने से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब छात्र समुद्र की लहरों का आनंद ले रहे थे और अचानक आई तेज लहरों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। यह पिकनिक जो खुशी के लिए आयोजित की गई थी, देखते ही देखते एक बड़े मातम में बदल गई।
42 छात्रों का समूह आया था पिकनिक मनाने
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुणे के आलंदी में स्थित विनर्स एकेडमी के 42 छात्रों का एक समूह शैक्षणिक भ्रमण और पिकनिक के लिए दिवेआगर आया था। बताया जा रहा है कि इस समूह में मुख्य रूप से 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्र शामिल थे। समुद्र तट पर पहुंचने के बाद, समूह के 8 छात्र समुद्र में तैरने के लिए पानी में उतरे। स्थानीय लोगों के अनुसार, समुद्र में उतरने के कुछ ही समय बाद पानी का स्तर अचानक बदल गया और तेज लहरें उठने लगीं। इन छात्रों को समुद्र की गहराई और लहरों की तीव्रता का अंदाजा नहीं था, जिसके कारण वे खुद को संभाल नहीं पाए और गहरे पानी में समा गए।
स्थानीय लोगों और बचाव दल ने किया रेस्क्यू
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय बचाव दल और नागरिक तुरंत मौके पर पहुंचे। महाकाली वाटर स्पोर्ट्स के कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और स्थानीय नागरिकों और वहां मौजूद अन्य पर्यटकों ने भी इस कार्य में सक्रिय रूप से मदद की। काफी मशक्कत के बाद, समुद्र से सभी 8 छात्रों के शवों को बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद, सभी शवों को बोरली पंचतन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है, जहां आगे की कानूनी और चिकित्सा प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी मौके पर मौजूद है और स्थिति का जायजा ले रही है।
दिवेआगर बीच की खूबसूरती और छिपे खतरे
रायगढ़ जिले के कोंकण तट पर स्थित दिवेआगर बीच अपनी प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छता और शांत वातावरण के लिए पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। लगभग 4 से 5 किलोमीटर लंबे इस समुद्र तट पर सफेद रेत, नीला पानी और चारों ओर फैली हरी-भरी पहाड़ियां सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। यही कारण है कि पुणे से छात्रों का यह समूह यहां घूमने आया था। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर से आने वाले पर्यटकों को अक्सर समुद्र की गहराई और ज्वार-भाटे की स्थिति का सही अंदाजा नहीं होता है और प्रशासन द्वारा अक्सर चेतावनी दी जाती है कि समुद्र में उतरते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि पानी का स्तर कभी भी अचानक बदल सकता है।
मंत्री अदिति तटकरे ने जताया दुख
इस दुखद घटना पर मंत्री अदिति तटकरे ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इस हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि स्थानीय प्रशासन और बचाव दल पूरी तत्परता से काम कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि प्रशासन छात्रों के समूह के साथ लगातार संपर्क में है और जो छात्र सुरक्षित हैं, उनकी देखभाल के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि मानसून के मौसम और समुद्र की स्थिति को देखते हुए शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। घटना की जानकारी मिलने के बाद दिवेआगर बीच पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए हैं और मृत छात्रों के परिवारों को इस दुखद समाचार की जानकारी दी जा रही है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि वास्तव में हादसा कैसे हुआ और क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था।
