राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को विधानसभा में एप्रोप्रिएशन बिल पर बहस का जवाब देते हुए राज्य के विकास और जन कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। 25 लाख करने का निर्णय लिया है। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि राज्य सरकार 4 लाख सरकारी भर्तियों के अपने संकल्प को पूरा करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। 25 लाख पदों के लिए नया भर्ती कैलेंडर जारी किया जाएगा।
सरकारी भर्तियों का नया कैलेंडर और रोजगार संकल्प
मुख्यमंत्री ने सदन में घोषणा की कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और 25 लाख कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य में कुल 4 लाख सरकारी नौकरियों के वादे को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भर्तियों की प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि और जन कल्याण
सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने पेंशन राशि में ₹125 की अतिरिक्त वृद्धि की घोषणा की है। इस निर्णय के बाद अब लाभार्थियों को ₹1425 प्रति माह की पेंशन प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम समाज के वंचित और बुजुर्ग वर्ग को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए उठाया गया है। इसके साथ ही निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है। अब निर्माण मजदूरों की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को एकमुश्त सहायता राशि का भुगतान किया जाएगा। पूर्व में यह राशि किस्तों में मिलती थी जिससे परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
तीन शहरों के नाम परिवर्तन और सांस्कृतिक पहचान
राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने तीन प्रमुख शहरों के नाम बदलने का ऐलान किया है। पर्यटन स्थल माउंट आबू का नाम अब 'आबूराज' होगा। इसी प्रकार जहाजपुर का नाम बदलकर 'यज्ञपुर' और कामां का नाम 'कामवन' करने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय स्थानीय जनभावनाओं और ऐतिहासिक तथ्यों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इन क्षेत्रों के नाम परिवर्तन से उनकी प्राचीन पहचान को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया है।
जयपुर मेट्रो विस्तार और बुनियादी ढांचा विकास
80 किलोमीटर लंबे नए चरण के कार्य को जल्द शुरू करने की घोषणा की। इसके साथ ही जयपुर में द्रव्यवती नदी पर एक एलिवेटेड रोड के निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। परिवहन सेवाओं में सुधार के लिए 300 नई रोडवेज बसें खरीदने का भी निर्णय लिया गया है। ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए मिसिंग लिंक सड़कों पर ₹500 करोड़ अतिरिक्त खर्च किए जाएंगे और पंचायतों को विकास कार्यों के लिए ₹9200 करोड़ का आवंटन किया जाएगा।
राज्य की आर्थिक स्थिति और राजकोषीय प्रबंधन
आर्थिक आंकड़ों को प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान की प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और 67 लाख थी। यह लगभग 21% की वृद्धि को दर्शाता है। 25 लाख करोड़ तक पहुंचाना है। 6% तक सीमित रखा गया है जो एफआरबीएम एक्ट के मानकों के अनुरूप है। पूंजीगत व्यय के लिए ₹1 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके।
