राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2026 की तारीखों का ऐलान, चार चरणों में मतदान

राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने 2026 के पंचायती राज चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। 25 अक्टूबर से 16 नवंबर के बीच चार चरणों में मतदान होगा, जिसमें 14,403 ग्राम पंचायतें, 457 पंचायत समितियां और 41 जिला परिषदें शामिल हैं।

राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 2026 का बेसब्री से इंतजार कर रहे ग्रामीणों और राजनीतिक दलों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने शनिवार को जयपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों, 457 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषदों के आम चुनावों के कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि यह चुनाव प्रक्रिया चार चरणों में पूरी की जाएगी। इस घोषणा के साथ ही राजस्थान के ग्रामीण अंचलों में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं और प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

आदर्श आचार संहिता का प्रभाव

चुनावी बिगुल बजने के साथ ही प्रदेश के समस्त ग्रामीण इलाकों में आदर्श आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई है। इसके लागू होने के बाद अब राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के लिए किसी भी नई विकास योजना या लोकलुभावन कार्यों की घोषणा नहीं कर सकेगी और आयोग के निर्देशों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के नए वर्क ऑर्डर जारी करने पर भी पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। निर्वाचन आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया को 28 नवंबर 2026 तक हर हाल में संपन्न करा लिया जाएगा, ताकि नई पंचायतों का गठन समय पर हो सके।

हाइब्रिड मॉडल और वन स्टेट वन इलेक्शन की नीति

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजेश्वर सिंह ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए कहा कि आयोग राज्य में 'वन स्टेट वन इलेक्शन' की अवधारणा को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी नीति के तहत त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव एक साथ आयोजित किए जा रहे हैं। इस बार की मतदान प्रक्रिया में एक हाइब्रिड मॉडल देखने को मिलेगा, जहां तकनीक और परंपरा का संगम होगा। सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए चुनाव पुराने तरीके से यानी मतपत्र (बैलट पेपर) के माध्यम से करवाए जाएंगे। वहीं दूसरी ओर, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए आधुनिक ईवीएम मशीनों का उपयोग किया जाएगा।

चार चरणों का विस्तृत चुनावी कार्यक्रम

ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच चुनने के लिए मतदान की प्रक्रिया को चार अलग-अलग तारीखों में विभाजित किया गया है। आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि पारदर्शिता बनी रहे, इसलिए मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद ही संबंधित पोलिंग बूथों पर वोटों की गिनती का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

  • प्रथम चरण (25 अक्टूबर): इस चरण में 3,672 ग्राम पंचायतों के लिए 10,857 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे।
  • द्वितीय चरण (31 अक्टूबर): इसमें 3,626 ग्राम पंचायतों के 11,763 मतदान केंद्रों पर वोटिंग प्रक्रिया संपन्न होगी।
  • तृतीय चरण (6 नवंबर): इस चरण के तहत 3,605 ग्राम पंचायतों के 11,566 मतदान केंद्रों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
  • चतुर्थ चरण (16 नवंबर): अंतिम चरण में 3,500 ग्राम पंचायतों के 11,198 मतदान केंद्रों पर मतदान करवाया जाएगा।

कुछ जिलों में देरी से होंगे चुनाव

निर्वाचन आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश के सभी हिस्सों में एक साथ चुनाव नहीं हो रहे हैं। बारां, श्री गंगानगर, करौली और कोटा जिलों की कुछ पंचायती राज संस्थाओं का कानूनी कार्यकाल अभी बचा हुआ है। संवैधानिक नियमों का पालन करते हुए, इन विशिष्ट क्षेत्रों में चुनाव 22 दिसंबर 2026 के बाद ही संपन्न कराए जाएंगे। आयोग ने इन क्षेत्रों के लिए अलग से तैयारी करने के निर्देश दिए हैं ताकि कार्यकाल पूरा होने के तुरंत बाद वहां भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी की जा सके।