Sharad Yadav / JDU के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव का निधन, 75 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Zoom News : Jan 12, 2023, 11:09 PM
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने 75 साल की उम्र में अंतिम सांस ली है. इस दौरान उनकी बेटी सुभाषिनी शरद यादव ने ट्वीट कर जानकारी देते हुए बताया कि पापा नहीं रहे. दरअसल, फोर्टिस अस्पताल में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली. बिहार की राजनीति में अपनी अलग पहचान रखने वाले शरद यादव का जाना सभी को शोक में डुब गया है. उनकी समाजवाद वाली राजनीति ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बना दिया था. गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में उनका निधन हुआ है.


शरद यादव 2003 में जनता दल बनने के बाद से लंबे समय तक पार्टी के अध्यक्ष रहे. वह सात बार लोकसभा सांसद भी रहे. पिछले कुछ वक्त से वह सक्रिय राजनीति में नजर नहीं आ रहे थे. शरद यादव ने बिहार के मधेपुरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से चार बार लोक सभा का प्रतिनिधित्व किया. दो बार वह मध्यप्रदेश के जबलपुर से सांसद चुने गए. एक बार उत्तर प्रदेश के बदायूं से लोकसभा पहुंचे. शरद यादव शायद भारत के पहले ऐसे राजनेता थे जो तीन राज्यों मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार से लोकसभा के लिए चुने गए थे. शरद यादव भारतीय राजनीति के पुरोधा माने जाते हैं. वह इमरजेंसी के दौरान जेल भी गए थे.


शरद यादव राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के संयोजक थे. लेकिन उनकी पार्टी ने जब गठबंधन से राहें जुदा कर लीं तो उन्होंने संयोजक पद से इस्तीफा दे दिया था. राजनीतिक गठजोड़ के माहिर खिलाड़ी माने जाने वाले शरद यादव को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राजनीतिक गुरु माना जाता था. 1 जुलाई 1947 को मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के बाबई गांव में जन्मे शरद यादव ने भारत सरकार में कई अहम पद संभाले हैं. उनके पिता का नाम नंद किशोर यादव और सुमित्रा यादव था. उन्होंने जबलपुर के रॉबर्टसन कॉलेज से बैचलर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की. उनका ज्यादातर राजनीतिक करियर बिहार में रहा. उनकी शादी 15 फरवरी 1989 में रेखा यादव से हुई थी. उनके एक बेटा और एक बेटी है. 


लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने जताया शोक

इस दौरान लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव के निधन पर शोक जताया है. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ राजनेता, पूर्व सांसद शरद यादव जी के निधन पर शोक व्यक्त करता हूं. वे विलक्षण प्रतिभा वाले महान समाजवादी नेता थे, जिन्होंने वंचितोंशोषितों के दर्द को दूर करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. उनका निधन समाजवादी आंदोलन के लिए बड़ी क्षति है. परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं.


मधेपुरा से 4 बार रह चुके हैं MP

वहीं, शरद यादव का जन्म 1 जुलाई 1947 को होशंगाबाद में हुआ था. जहां पर वे बिहार के मधेपुरा से चार बार सांसद रह चुके हैं. हालांकि, इससे पहले वाजपेई सरकार और वीपी सिंह सरकार में भी कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं. जहां पहली बार 1974 में लोकसभा सदस्य बने थे. इसके बाद 1997 में जनता दल के अध्यक्ष बने थे.


इसके बाद साल 2014 में राज्यसभा में निर्वाचित हुए थे. उस दौरान जेडीयू को जमीन पर मजबूत किया था. साथ ही कई राजनीतिक घटनाओं में एक सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेता रहे. इसके अलावा शरद यादव ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और फिर बिहार में अपना राजनीतिक परचम लहराया था.

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