रूस ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी दोस्ती निभाते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ईरान का पुरजोर समर्थन किया है। सोमवार, 27 अप्रैल को सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान रूस ने पश्चिमी देशों पर दोहरे मापदंड और पाखंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। रूस के राजदूत ने स्पष्ट रूप से कहा कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों के यातायात को सीमित करने का पूरा अधिकार है और उल्लेखनीय है कि इसी दिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अघराची से मुलाकात कर उन्हें अपना पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया था।
UNSC में रूस का कड़ा रुख और ईरान का बचाव
संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वासिली नेबेंजिया ने बैठक के दौरान ईरान का बचाव करते हुए कहा कि ईरान पर पूरी जिम्मेदारी डालने की कोशिश की जा रही है, जैसे कि ईरान ने अपने पड़ोसियों पर हमला किया हो और वह जानबूझकर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही रोक रहा हो। नेबेंजिया ने तर्क दिया कि युद्ध के समय, जिस तटीय देश पर हमला हो रहा हो, वह अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने समुद्री क्षेत्र में आवाजाही को सीमित करने का कानूनी अधिकार रखता है।
पश्चिमी देशों की तुलना समुद्री डाकुओं से
रूसी राजदूत ने अपने संबोधन में पश्चिमी देशों की कड़ी आलोचना की और उनकी तुलना समुद्री डाकुओं से की। उन्होंने कहा कि समुद्री डाकू अपने जहाजों पर खोपड़ी और हड्डियों वाला काला झंडा लगाते हैं, लेकिन पश्चिमी देश अपने गैरकानूनी कामों को छिपाने के लिए एकतरफा दबाव वाले कदमों का हवाला देते हैं। उन्होंने इसे एक बहाना करार देते हुए कहा कि इसका एकमात्र मकसद यह छिपाना है कि यूरोपीय संघ खुलेआम समुद्र में लूटपाट कर रहा है।
यूक्रेन और काला सागर का संदर्भ
वासिली नेबेंजिया ने यूक्रेन द्वारा लंबी दूरी के हवाई और समुद्री ड्रोन के माध्यम से भूमध्य सागर में रूस से जुड़े तेल टैंकरों पर किए गए हमलों की भी निंदा की और उन्होंने काला सागर में रूसी व्यापारिक जहाजों पर यूक्रेन के हमलों को यूरोपीय देशों द्वारा दिए जा रहे समर्थन की आलोचना की। रूस ने स्पष्ट किया कि पश्चिमी देश एक तरफ जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता की बात करते हैं और दूसरी तरफ रूसी हितों पर हमलों का समर्थन करते हैं।
मुख्य बिंदु और कूटनीतिक घटनाक्रम
रूस ने सुरक्षा परिषद में यह स्पष्ट कर दिया कि वह ईरान के खिलाफ किसी भी एकतरफा कार्रवाई या प्रस्ताव का विरोध करना जारी रखेगा और नेबेंजिया के बयानों ने वैश्विक राजनीति में रूस और ईरान के बीच बढ़ती नजदीकियों और पश्चिमी देशों के साथ बढ़ते तनाव को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
