रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध के बीच एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है और रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव में मौजूद रक्षा बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमला करने की सीधी धमकी दी है। रूसी अधिकारियों ने कीव में रह रहे सभी विदेशी नागरिकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द शहर छोड़ दें और रूस का कहना है कि वह कीव के सैन्य और प्रशासनिक ठिकानों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा है, जिससे वहां रहने वाले नागरिकों और विदेशी प्रतिनिधियों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।
रक्षा बुनियादी ढांचे पर सुनियोजित हमले की चेतावनी
रूस की सेना ने स्पष्ट किया है कि उसने कीव में यूक्रेन के रक्षा उद्योग से जुड़े संस्थानों पर लगातार और सुनियोजित हमले शुरू करने का निर्णय लिया है। इन हमलों के दायरे में वे सभी सुविधाएं आएंगी जो ड्रोन के डिज़ाइन, उनके निर्माण और उनकी प्रोग्रामिंग से जुड़ी हैं। इसके अलावा, उन केंद्रों को भी निशाना बनाया जाएगा जहां ड्रोनों को ऑपरेशन के लिए तैयार किया जाता है और रूसी विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि कीव की सरकार इन ड्रोनों का संचालन नाटो (NATO) के विशेषज्ञों की मदद से कर रही है। रूस के अनुसार, नाटो विशेषज्ञ न केवल ड्रोनों के कल-पुर्ज़े मुहैया करा रहे हैं, बल्कि जासूसी और लक्ष्य की पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण डेटा भी प्रदान कर रहे हैं।
विदेशी नागरिकों और राजनयिकों से शहर छोड़ने की अपील
रूसी विदेश मंत्रालय (MFA) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर विदेशी नागरिकों से कीव छोड़ने का आग्रह किया है। इस चेतावनी में विशेष रूप से राजनयिक मिशनों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के कर्मचारियों को शामिल किया गया है। मंत्रालय ने कहा है कि चूंकि सैन्य और प्रशासनिक बुनियादी ढांचे की सुविधाएं पूरे कीव शहर में फैली हुई हैं, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से विदेशी नागरिकों का वहां से निकल जाना ही बेहतर है और इसके साथ ही, कीव के स्थानीय निवासियों से भी यह आग्रह किया गया है कि वे ज़ेलेंस्की शासन के सैन्य और प्रशासनिक ठिकानों के पास न जाएं, क्योंकि इन स्थानों पर कभी भी हमले हो सकते हैं।
स्टारोबिलस्क हमले का संदर्भ और हताहतों की संख्या
रूस की यह ताजा चेतावनी यूक्रेन के स्टारोबिलस्क में हुए एक घातक ड्रोन हमले के बाद आई है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टारोबिलस्क में हुए इस हमले में 18 लोगों की जान चली गई थी और 42 अन्य लोग घायल हुए थे। रूस ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और इसे कीव में सैन्य ठिकानों पर हमले तेज करने का एक बड़ा कारण बताया है और रूस का तर्क है कि कीव शासन द्वारा रूसी क्षेत्र में शांतिप्रिय आबादी और नागरिक ठिकानों के खिलाफ किए जा रहे आतंकवादी हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की जा रही है।
अमेरिकी और रूसी विदेश मंत्रियों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता
इस तनावपूर्ण माहौल के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम भी देखने को मिला है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच फोन पर बातचीत हुई है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने जानकारी दी कि इस बातचीत का अनुरोध रूसी पक्ष की ओर से किया गया था। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध की वर्तमान स्थिति, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और ईरान के ताजा हालातों पर विस्तार से चर्चा की। दोनों पक्षों ने इन वैश्विक मुद्दों पर अपने-अपने विचारों का आदान-प्रदान किया।
रूस का कड़ा रुख और भविष्य की रणनीति
रूसी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि सर्गेई लावरोव ने अमेरिकी विदेश मंत्री को कीव स्थित सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू करने के रूस के फैसले से अवगत करा दिया है। लावरोव ने जोर देकर कहा कि ये हमले सुनियोजित और लगातार जारी रहेंगे। रूस का मानना है कि कीव के रक्षा ढांचे को नष्ट करना उसकी सुरक्षा के लिए अनिवार्य हो गया है। इस चेतावनी के बाद कीव में मौजूद अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और स्थानीय नागरिकों के बीच भारी चिंता का माहौल है, क्योंकि रूस ने अपने हमलों को और अधिक आक्रामक बनाने के संकेत दिए हैं।
