भारत में भी पाकिस्तान जैसा इस्लामिक कानून हो, विधायक सना मलिक का बयान

महाराष्ट्र विधानसभा में एनसीपी विधायक सना मलिक ने भारत में कुरान आधारित इस्लामिक कानून और तीन तलाक का समर्थन कर विवाद खड़ा कर दिया, जिस पर नितेश राणे ने तीखी प्रतिक्रिया दी और उन्हें पाकिस्तान जाने की सलाह दी।

महाराष्ट्र विधानसभा के भीतर उस समय भारी हंगामा मच गया जब एनसीपी के अजित पवार गुट की विधायक सना मलिक ने एक अत्यंत विवादित बयान दिया। सना मलिक ने सदन में मांग की कि पाकिस्तान की तरह भारत में भी इस्लामिक कानून लागू किया जाना चाहिए। उनके इस बयान ने न केवल सदन की कार्यवाही को प्रभावित किया बल्कि राज्य की राजनीति में भी एक नया विवाद छेड़ दिया है। सना मलिक ने समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में अपनी बात रखते हुए कुरान और मुस्लिम पर्सनल लॉ का हवाला दिया।

इस्लामिक कानून और कुरान आधारित व्यवस्था की मांग

विधानसभा में अपनी बात रखते हुए सना मलिक ने स्पष्ट रूप से कहा कि पाकिस्तान की तरह भारत को भी इस्लामिक कानून लागू करना चाहिए और वे इसकी पुरजोर मांग करती हैं। उन्होंने भारत में कुरान के आधार पर कानून चलाने की वकालत की। उनके इस बयान को भारतीय संविधान की धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ देखा जा रहा है। सना मलिक ने अपनी दलीलों में बार-बार पाकिस्तान और मुस्लिम पर्सनल लॉ का जिक्र किया, जिससे सदन में मौजूद अन्य सदस्यों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

तीन तलाक और बहुविवाह पर सना मलिक के तर्क

सना मलिक ने केवल इस्लामिक कानून की मांग ही नहीं की, बल्कि उन्होंने तीन तलाक की प्रथा का भी खुलकर समर्थन किया। उन्होंने तलाक के विभिन्न तरीकों का विवरण देते हुए कहा कि तलाक तीन तरह के होते हैं जिनमें तलाक-ए-हसन, तलाक-ए-अहसन और तलाक-ए-बिद्दत शामिल हैं। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक पर बनाए गए कानून की आलोचना करते हुए कहा कि यह कानून ऐसी व्यवस्था पर आधारित था जो व्यवहार में पहले से व्यापक रूप से लागू नहीं थी। इसके अलावा, उन्होंने बहुविवाह यानी पॉलीगैमी पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि बहुविवाह केवल एक धर्म तक सीमित नहीं है बल्कि यह हर धर्म में हो रहा है और उन्होंने तर्क दिया कि मुसलमानों में बहुविवाह का जो तरीका सिखाया गया है, उसका पालन किया जाना चाहिए और इसके लिए एक विशेष कानून लाया जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर स्पष्टीकरण और मंत्री का जवाब

विधानसभा में दिए गए अपने बयान के बाद सना मलिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने विधानसभा में ट्रिपल तलाक एक्ट को लागू करने के संबंध में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान अपनी बात रखी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि कई धर्मों में एक से ज्यादा शादी की प्रथा है, इसलिए कोई भी कानून लागू करते समय उसे संविधान के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून ऐसा हो जिससे किसी भी धर्म की भावनाएं आहत न हों। सना मलिक के अनुसार, गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने उनके सवाल का सकारात्मक जवाब दिया और कहा कि जब कानून लागू होगा, तो वह सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होगा।

नितेश राणे का तीखा पलटवार

सना मलिक के इन बयानों पर भारतीय जनता पार्टी ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा विधायक नितेश राणे ने सना मलिक को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि तीन तलाक के संबंध में केंद्र सरकार पहले ही ऐतिहासिक फैसला ले चुकी है। उन्होंने हैरानी जताई कि विधानसभा जैसे पवित्र स्थान पर बैठकर कुछ लोग आज भी कुरान और धार्मिक ग्रंथों का हवाला देकर समान नागरिक संहिता का विरोध कर रहे हैं। नितेश राणे ने कहा कि यूसीसी का उल्लेख स्वयं संविधान में किया गया है, लेकिन कुछ लोग संविधान की बात केवल तब करते हैं जब उन्हें अपने अवैध कार्यों को सही ठहराना होता है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यदि किसी को देश के कानूनों और संविधान का पालन करने में आपत्ति है, तो उसे तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और पाकिस्तान चले जाना चाहिए।