करीब दो साल के लंबे अंतराल के बाद भारतीय टेस्ट टीम में वापसी की खबर मिलते ही सरफराज खान की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने इस खास उपलब्धि को बेहद भावुक और यादगार अंदाज में सेलिब्रेट किया है। टीम इंडिया में दोबारा चुने जाने के तुरंत बाद सरफराज ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी पहली प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने भारतीय टीम की आधिकारिक ट्रेनिंग किट में अपनी तस्वीरें पोस्ट कीं, जो उनके प्रशंसकों के लिए एक सुखद संदेश लेकर आईं। लंबे इंतजार के बाद मिली इस सफलता ने सरफराज के चेहरे पर एक बार फिर मुस्कान लौटा दी है। उनकी इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया जा रहा है और क्रिकेट प्रेमी उन्हें बधाई दे रहे हैं।
पिता और कोच नौशाद खान के साथ खास पल
सरफराज खान ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने पिता और कोच नौशाद खान को दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक ऐसी तस्वीर साझा की है जिसमें वह टीम इंडिया की ट्रेनिंग किट पहने नजर आ रहे हैं और उनके साथ उनके पिता नौशाद खान भी बैठे हुए हैं। सरफराज के क्रिकेट करियर में उनके पिता की भूमिका किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने बचपन से ही सरफराज को कड़ा प्रशिक्षण दिया और हर मुश्किल समय में उनका हौसला बढ़ाया। टीम इंडिया में वापसी के इस गौरवशाली क्षण में अपने पिता के साथ तस्वीर साझा करना एक गहरा संदेश देता है कि उनकी इस यात्रा में उनके पिता का योगदान सबसे अहम रहा है। सरफराज ने अपनी ट्रेनिंग किट वाली फोटो के साथ अपने पिता के प्रति सम्मान व्यक्त किया है।
साई सुदर्शन की जगह टीम में शामिल
सरफराज खान की भारतीय टीम में यह वापसी श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए हुई है। दरअसल, युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन चोटिल होकर इस सीरीज से बाहर हो गए हैं और चयनकर्ताओं ने उनकी जगह सरफराज खान को टीम में शामिल करने का फैसला किया है। टीम में चुने जाने से पहले सरफराज ने 7 अगस्त को एक दिलचस्प सोशल मीडिया पोस्ट भी की थी। उन्होंने 2019 की तेलुगु फिल्म जर्सी की एक तस्वीर साझा की थी और उसके साथ लिखा था कि वह शायद हर जगह फिट न बैठें, लेकिन वह पूरी ताकत के साथ लड़ना जारी रखेंगे। उनकी यह पुरानी पोस्ट अब उनकी वापसी के बाद तेजी से वायरल हो रही है, जिसे लोग उनकी अटूट इच्छाशक्ति से जोड़कर देख रहे हैं।
पिछला प्रदर्शन और टीम से बाहर रहने का दौर
सरफराज खान पिछले काफी समय से भारतीय टीम की मुख्य योजनाओं से बाहर चल रहे थे। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच नवंबर 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। वह घरेलू सीरीज भारतीय टीम के लिए काफी निराशाजनक रही थी क्योंकि भारत को उसमें 0-3 से हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, उस सीरीज के दूसरे टेस्ट में सरफराज ने एक शानदार शतक जड़ा था और वह भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले प्रमुख बल्लेबाजों में से एक थे। इसके बावजूद, उन्हें टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष करना पड़ा। वह 2024-25 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए भी भारतीय टीम का हिस्सा थे, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की उस महत्वपूर्ण सीरीज में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। उस सीरीज में भारत को 1-4 से हार झेलनी पड़ी थी।
घरेलू क्रिकेट में रनों का अंबार और फिटनेस पर काम
28 साल के सरफराज खान का घरेलू क्रिकेट में रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अब तक 62 फर्स्ट क्लास मैचों में 64 दशमलव 73 की बेहतरीन औसत से कुल 5114 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 17 शतक और 16 अर्धशतक निकले हैं। सरफराज ने न केवल अपनी बल्लेबाजी बल्कि अपनी फिटनेस पर भी पिछले कुछ समय में काफी मेहनत की है और उन्होंने सख्त ट्रेनिंग के जरिए अपना वजन कम किया है ताकि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रह सकें। 2025/26 के रणजी सीजन में भी उन्होंने मुंबई के लिए खेलते हुए नौ पारियों में 429 रन बनाए थे। उनकी यह निरंतरता ही उन्हें एक बार फिर नीली जर्सी और सफेद कपड़ों में देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिला पाई है।
