शेयर बाजार में हाहाकार: ईरान अमेरिका तनाव से सेंसेक्स निफ्टी धराशायी निवेशकों के डूबे करोड़ों

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है। बुधवार को सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई जिससे निवेशकों के 2 लाख 79 हजार करोड़ रुपये डूब गए।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आए उछाल ने बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल मचा दी और ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव की खबरों के बीच बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। बाजार खुलने के महज 10 मिनट के भीतर ही सेंसेक्स 625 अंकों से ज्यादा टूट गया, जिससे निवेशकों को 2 लाख 79 हजार करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस गिरावट का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और वैश्विक अनिश्चितता को माना जा रहा है, जिसने निवेशकों के सेंटिमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया है।

सेंसेक्स और निफ्टी के ताजा आंकड़े

बुधवार को कारोबारी सत्र के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 559 अंकों की गिरावट के साथ 77,621 दशमलव 92 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। हालांकि, सत्र के निचले स्तर पर सेंसेक्स 625 दशमलव 2 अंकों की गिरावट के साथ 77,555 दशमलव 52 तक चला गया था। आपको बता दें कि एक दिन पहले सेंसेक्स 78,180 दशमलव 72 पर बंद हुआ था। दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 159 अंकों की गिरावट के साथ 24,238 दशमलव 25 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी ने दिन के दौरान 24,207 दशमलव 20 का निचला स्तर छुआ, जो 180 अंकों से अधिक की गिरावट को दर्शाता है। बाजार का कुल रुख नकारात्मक रहा और एनएसई पर 1,574 शेयरों में गिरावट जबकि केवल 749 शेयरों में बढ़त देखी गई।

इन शेयरों और सेक्टरों में रही बड़ी गिरावट

बाजार में मंदी के इस माहौल में कई दिग्गज शेयरों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। सेंसेक्स पर अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स और इंडिगो के शेयरों में 2 से 3 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, आईटीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, एसबीआई, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल) और रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के शेयरों में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि, निफ्टी फार्मा में 0 दशमलव 7 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इंफोसिस, टीसीएस और सन फार्मा ही ऐसे शेयर थे जिनमें मामूली बढ़त के साथ कारोबार हुआ।

बाजार में गिरावट के चार मुख्य कारण

शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे निम्नलिखित प्रमुख कारण जिम्मेदार रहे हैं:

  • अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव: अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के ईरान पर हमला किया। यह कार्रवाई तब हुई जब अमेरिका ने आरोप लगाया कि तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तीन जहाजों पर हमला किया था। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने इसके जवाब में बहरीन और कुवैत को निशाना बनाकर जवाबी हमले किए, जिससे युद्ध का खतरा बढ़ गया है।
  • कच्चे तेल की कीमतों में उबाल: अमेरिकी हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 2 दशमलव 6 प्रतिशत बढ़कर 76 डॉलर 10 सेंट प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे पहले के सत्र में भी इसमें 3 प्रतिशत की तेजी देखी गई थी। तेल की कीमतों में वृद्धि भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता का विषय है।
  • इंडिया वीआईएक्स (India VIX) में उछाल: बाजार में डर और अनिश्चितता को मापने वाला इंडिया वीआईएक्स 5 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 12 दशमलव 25 पर पहुंच गया और बाद में यह 7 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ 12 दशमलव 47 के स्तर पर देखा गया।
  • रुपये में बड़ी गिरावट: बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 20 पैसे गिरकर 95 रुपये 17 पैसे पर खुला। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी ने रुपये पर दबाव बनाया है।