06 करोड़ रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई। आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टीसीएस और रिलायंस इंडस्ट्रीज को इस गिरावट में सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा। 87 प्रतिशत की गिरावट आई। इस गिरावट का मुख्य कारण आईटी कंपनियों के कमजोर आय अनुमान और वैश्विक स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव रहा।
दिग्गज कंपनियों के मार्केट कैप में आई गिरावट का विवरण
टीसीएस और रिलायंस इंडस्ट्रीज पर सबसे ज्यादा मार
बाजार की इस गिरावट में सबसे ज्यादा मार देश की दो सबसे बड़ी कंपनियों, टीसीएस और रिलायंस इंडस्ट्रीज पर पड़ी है। 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ, जो सात कंपनियों को हुए कुल नुकसान का 50 प्रतिशत से भी अधिक है। 34 करोड़ रुपये गंवाए। इसके विपरीत, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एसबीआई और बजाज फाइनेंस जैसी तीन कंपनियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी लाभ कमाया और उनके मार्केट कैप में कुल 48 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई।
गिरावट के पीछे के प्रमुख कारण और विशेषज्ञों की राय
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के एसवीपी (रिसर्च) अजीत मिश्रा के अनुसार, लगातार दो हफ्तों की बढ़त के बाद बाजार में यह गिरावट भू-राजनीतिक तनाव और आईटी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों द्वारा दिए गए कमजोर कमाई के अनुमानों के कारण आई है। पश्चिम एशिया संकट के कारण बनी अनिश्चितता और आपूर्ति में संभावित बाधाओं की चिंताओं ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊंचा बनाए रखा, जिससे बाजार की धारणा प्रभावित हुई। वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है, जिसके बाद क्रमशः एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का स्थान आता है।
