सुकेश चंद्रशेखर को मिली जमानत, अन्य मामलों के कारण जेल में रहेगा

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी है। यह मामला एआईएडीएमके के चुनाव चिह्न से जुड़ा है। हालांकि, पांच अन्य मामलों में जमानत न मिलने के कारण वह फिलहाल जेल में ही रहेगा। सुकेश पर कुल 31 मामले दर्ज हैं।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित महाठग सुकेश चंद्रशेखर को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज एक मामले में बड़ी राहत देते हुए जमानत प्रदान की है। यह मामला एआईएडीएमके (AIADMK) के 'दो पत्ती' चुनाव चिह्न को हासिल करने के लिए चुनाव आयोग के अधिकारियों को रिश्वत देने के प्रयास से जुड़ा है। हालांकि, अदालत से जमानत मिलने के बावजूद सुकेश चंद्रशेखर को फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा। अधिकारियों के अनुसार, सुकेश के खिलाफ दर्ज कुल 31 आपराधिक मामलों में से अभी भी 5 मामलों में उसे जमानत मिलना बाकी है, जिसके कारण उसकी रिहाई संभव नहीं हो सकी है।

एआईएडीएमके चुनाव चिह्न मामला और अदालती कार्यवाही

राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष न्यायाधीश ने सुकेश चंद्रशेखर की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे राहत दी। यह मामला 2017 का है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सुकेश ने एआईएडीएमके के टीटीवी दिनाकरण गुट के लिए 'दो पत्ती' चुनाव चिह्न सुरक्षित करने के उद्देश्य से चुनाव आयोग के अधिकारियों को रिश्वत देने की साजिश रची थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच की थी। अदालत ने मामले की परिस्थितियों और अब तक की न्यायिक हिरासत की अवधि को ध्यान में रखते हुए जमानत का आदेश जारी किया। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने सुकेश की आपराधिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए इसका विरोध किया था।

31 मामलों का कानूनी जाल और वर्तमान स्थिति

सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ कानूनी शिकंजा काफी व्यापक है। पुलिस और जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में कुल 31 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में धोखाधड़ी, जबरन वसूली, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। कानूनी प्रक्रिया के तहत, सुकेश को अब तक 26 मामलों में विभिन्न अदालतों से जमानत मिल चुकी है। वर्तमान में केवल 5 ऐसे मामले लंबित हैं जिनमें उसे अभी तक जमानत नहीं मिली है। जब तक इन शेष मामलों में उसे राहत नहीं मिलती, वह दिल्ली की मंडोली या तिहाड़ जेल में ही न्यायिक हिरासत में रहेगा।

बेंगलुरु से शुरुआत और अपराध का शुरुआती सफर

सुकेश चंद्रशेखर का जन्म कर्नाटक के बेंगलुरु में हुआ था। उसने शहर के प्रतिष्ठित बिशप कॉटन बॉयज स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की और बाद में मदुरै यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री प्राप्त की और सुकेश के आपराधिक इतिहास की शुरुआत बहुत कम उम्र में हो गई थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मात्र 17 साल की उम्र में उसे पहली बार गिरफ्तार किया गया था। 50 करोड़ की धोखाधड़ी की थी। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और राजनेताओं तथा अधिकारियों का करीबी बनकर ठगी के बड़े नेटवर्क को अंजाम देना शुरू कर दिया।

लीना मारिया पॉल की भूमिका और हाई-प्रोफाइल संबंध

सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी और अभिनेत्री लीना मारिया पॉल भी उसके कई अपराधों में बराबर की भागीदार रही हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, लीना ने सुकेश द्वारा की गई ठगी की रकम को ठिकाने लगाने और हाई-प्रोफाइल संपर्कों को साधने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सुकेश का नाम बॉलीवुड की कई प्रमुख अभिनेत्रियों के साथ भी जुड़ा, जिससे वह अक्सर चर्चा में बना रहा और प्रवर्तन निदेशालय की जांच में यह सामने आया था कि सुकेश ने ठगी के पैसों से कई अभिनेत्रियों को महंगे उपहार भेजे थे। जेल के अंदर से भी उसके द्वारा लिखे गए पत्रों ने मीडिया में काफी सुर्खियां बटोरी थीं।

जैकलीन फर्नांडिस विवाद और जेल से लिखे गए पत्र

सुकेश चंद्रशेखर के मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस का नाम प्रमुखता से सामने आया था। सुकेश ने जेल में रहते हुए जैकलीन को संबोधित करते हुए कई पत्र लिखे, जिन्हें मीडिया में जारी किया गया था। इन पत्रों में उसने जैकलीन के प्रति अपनी भावनाओं का इजहार किया था, जिससे परेशान होकर अभिनेत्री ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। जैकलीन ने अपनी याचिका में मांग की थी कि सुकेश को उनका नाम लेने और मीडिया में इस तरह के पत्र जारी करने से रोका जाए, क्योंकि इससे उनकी सामाजिक छवि खराब हो रही थी और जांच एजेंसियों ने इस मामले में जैकलीन से भी कई दौर की पूछताछ की है।