Asia cup 2025: 28 सितंबर 2025 को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में एशिया कप 2025 का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। इस खिताब के लिए अभी तक फाइनलिस्ट टीमें तय नहीं हुई हैं, लेकिन ग्रुप स्टेज और सुपर-4 राउंड के प्रदर्शन को देखते हुए कुछ संभावनाएं साफ नजर आ रही हैं। भारतीय टीम, जो इस टूर्नामेंट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है, का फाइनल में पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि भारत का सामना फाइनल में किस टीम से होगा? क्या यह बांग्लादेश होगी, जो इस बार सभी को चौंका रही है?
बांग्लादेश का शानदार प्रदर्शन
ग्रुप स्टेज में बांग्लादेश ने एक बड़ा उलटफेर करते हुए अफगानिस्तान जैसी मजबूत टीम को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया। इसके बाद सुपर-4 राउंड में जगह बनाने वाली बांग्लादेश ने एक और हैरान करने वाला नतीजा दिया। इस बार उसने खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही श्रीलंका को करारी शिकस्त दी। यह जीत न केवल बांग्लादेश के आत्मविश्वास को दर्शाती है, बल्कि इतिहास को देखते हुए इसके फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं को और मजबूत करती है।
इतिहास का अनोखा संयोग
पिछले 13 साल के एशिया कप इतिहास पर नजर डालें तो एक दिलचस्प पैटर्न सामने आता है। जब-जब बांग्लादेश ने श्रीलंका को हराया है, तब-तब वह फाइनल में पहुंची है:
2012: बांग्लादेश ने श्रीलंका को हराकर पहली बार फाइनल में जगह बनाई, लेकिन पाकिस्तान से हार गई।
2016: फिर से श्रीलंका को हराकर फाइनल में पहुंची, लेकिन भारत के हाथों खिताब गंवा दिया।
2018: बांग्लादेश ने श्रीलंका को मात दी और तीसरी बार फाइनल खेला, लेकिन एक बार फिर भारत ने उसे खिताब जीतने से रोक दिया।
इस बार भी बांग्लादेश ने श्रीलंका को सुपर-4 में हराया है। अगर इतिहास दोहराया गया, तो बांग्लादेश का फाइनल में पहुंचना लगभग तय लग रहा है।
भारत बनाम बांग्लादेश: क्या होगा फाइनल?
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय नजर आई है। उसका बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभाग शानदार फॉर्म में हैं। दूसरी ओर, बांग्लादेश ने जिस तरह से बड़े उलटफेर किए हैं, वह भी कम नहीं है। अगर फाइनल में भारत और बांग्लादेश का मुकाबला होता है, तो यह एक रोमांचक जंग होगी। भारत का पलड़ा भारी जरूर है, लेकिन बांग्लादेश की फाइटिंग स्पिरिट और इतिहास का संयोग इसे एक यादगार मुकाबला बना सकता है।
क्या कहता है क्रिकेट का इतिहास?
क्रिकेट में संयोग और आंकड़े अक्सर बड़े मैचों को प्रभावित करते हैं। बांग्लादेश ने जिस तरह से इस टूर्नामेंट में दम दिखाया है, वह यह साबित करता है कि यह टीम अब केवल अंडरडॉग नहीं रही। अगर बांग्लादेश एक बार फिर फाइनल में पहुंचती है, तो क्या वह भारत को हराकर पहली बार एशिया कप का खिताब अपने नाम कर पाएगी? या फिर भारत अपनी बादशाहत कायम रखेगा? इसका जवाब 28 सितंबर को दुबई में मिलेगा।
