अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता में एक सप्ताह के भीतर उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। सर्वेक्षणों के अनुसार, ईरान के साथ सैन्य संघर्ष शुरू होने के बाद उनकी अप्रूवल रेटिंग 40 प्रतिशत से घटकर 36 प्रतिशत पर आ गई है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब अमेरिका में महंगाई और तेल की कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, प्रशासन द्वारा ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई ने घरेलू स्तर पर असंतोष पैदा किया है, जिसका सीधा असर राष्ट्रपति की रेटिंग पर दिखाई दे रहा है।
सर्वेक्षण के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले सप्ताह तक ट्रंप की लोकप्रियता का आंकड़ा 40 प्रतिशत के स्तर पर बना हुआ था। हालांकि, ईरान पर अमेरिकी हमलों और उसके परिणामस्वरूप वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल ने इस स्थिति को बदल दिया है। मात्र सात दिनों के भीतर रेटिंग में 4 प्रतिशत की कमी आना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। अधिकारियों और विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी जनता युद्ध की स्थिति में अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले बोझ को लेकर आशंकित है।
साप्ताहिक रेटिंग में गिरावट और सार्वजनिक असंतोष
सर्वेक्षण में शामिल 62 प्रतिशत लोगों ने राष्ट्रपति ट्रंप के वर्तमान प्रदर्शन के प्रति अपनी नापसंदगी व्यक्त की है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि प्रशासन की नीतियों को लेकर एक बड़ा वर्ग असहमत है और विशेष रूप से विदेश नीति और सैन्य हस्तक्षेप के फैसलों ने जनता के बीच ध्रुवीकरण को बढ़ावा दिया है। सर्वेक्षण के अनुसार, ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग में यह गिरावट उनके दूसरे कार्यकाल की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है। कार्यकाल की शुरुआत में उनकी लोकप्रियता 47 प्रतिशत के करीब थी, जो अब घटकर 36 प्रतिशत रह गई है।
ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर जनमत
ईरान के साथ जारी संघर्ष पर अमेरिकी जनता की राय स्पष्ट रूप से विभाजित और विरोधपूर्ण नजर आ रही है। सर्वेक्षण के आंकड़ों के मुताबिक, केवल 35 प्रतिशत अमेरिकियों ने ईरान पर किए गए हमलों का समर्थन किया है। इसके विपरीत, 61 प्रतिशत नागरिक इस सैन्य कार्रवाई के खिलाफ हैं। जनता का मानना है कि इस तरह के संघर्षों से न केवल अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता बढ़ती है, बल्कि घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। तेल की कीमतों में वृद्धि को इस विरोध का एक मुख्य कारण माना जा रहा है, क्योंकि इससे आम परिवारों का बजट प्रभावित हुआ है।
आर्थिक प्रबंधन और महंगाई का प्रभाव
आर्थिक मोर्चे पर राष्ट्रपति ट्रंप की रेटिंग में भारी गिरावट देखी गई है। केवल 29 प्रतिशत लोगों ने उनके आर्थिक प्रबंधन पर भरोसा जताया है। यह आंकड़ा ट्रंप के दोनों कार्यकालों में अब तक का सबसे निचला स्तर है। उल्लेखनीय है कि यह रेटिंग पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को उनके कार्यकाल के दौरान आर्थिक मुद्दों पर मिली रेटिंग से भी कम हो गई है। सर्वेक्षण के अनुसार, 2024 के चुनाव में ट्रंप ने मुख्य रूप से महंगाई कम करने और आसान जीवनयापन का वादा किया था, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में जनता इन वादों को पूरा होते नहीं देख रही है।
जीवन यापन की लागत और चुनावी वादे
जीवन यापन के मुद्दे पर स्थिति और भी गंभीर बनी हुई है। सर्वेक्षण में केवल 25 प्रतिशत अमेरिकियों ने ही ट्रंप के तरीकों और नीतियों पर भरोसा जताया है। महंगाई और बढ़ती लागत ने उन मतदाताओं के बीच भी असंतोष पैदा किया है जिन्होंने आर्थिक सुधारों की उम्मीद में ट्रंप का समर्थन किया था। पेट्रोल और अन्य ईंधनों की कीमतों में अचानक आए उछाल ने परिवहन और रसद की लागत बढ़ा दी है, जिससे दैनिक उपभोग की वस्तुएं महंगी हो गई हैं। प्रशासन के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि आर्थिक स्थिरता ही उनकी चुनावी जीत का मुख्य आधार थी।
पिछले प्रशासनों के साथ तुलनात्मक स्थिति
वर्तमान सर्वेक्षण के परिणाम ट्रंप प्रशासन की तुलना पिछले प्रशासनों से भी करते हैं। आर्थिक प्रबंधन पर 29 प्रतिशत की रेटिंग यह संकेत देती है कि जनता वर्तमान आर्थिक नीतियों को पिछले वर्षों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण मान रही है। जो बाइडेन के कार्यकाल के दौरान भी आर्थिक मुद्दों पर रेटिंग में उतार-चढ़ाव देखा गया था, लेकिन ट्रंप की वर्तमान रेटिंग उस स्तर से भी नीचे चली गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यदि तेल की कीमतों में वृद्धि जारी रहती है और ईरान के साथ संघर्ष लंबा खिंचता है, तो राष्ट्रपति की लोकप्रियता में और अधिक गिरावट आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
