डोनाल्ड ट्रंप ने की पीएम मोदी की तारीफ: बताया शांत मजबूत और प्रभावशाली नेता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 16 महीने बाद होने वाली द्विपक्षीय मुलाकात से पहले ट्रंप ने मोदी की जमकर सराहना की है। ट्रंप ने उन्हें एक शांत और मजबूत नेता बताया, जबकि पीएम मोदी ने जी-7 शिखर सम्मेलन में वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर अपनी बात रखी।

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मंच पर एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है जहां भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकात होने वाली है। यह बैठक इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात पूरे 16 महीने के लंबे अंतराल के बाद होने जा रही है। इस औपचारिक बैठक से पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व और उनके नेतृत्व की जमकर सराहना की है, जिससे दोनों देशों के बीच मजबूत होते रिश्तों के संकेत मिल रहे हैं।

ट्रंप ने मोदी को बताया प्रभावशाली नेता

जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों के नेताओं के साथ दोपहर के भोजन यानी लंच के समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के बारे में अपने विचार साझा किए। ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें एक शांत, मजबूत और प्रभावशाली नेता के रूप में परिभाषित किया। इस दौरान ट्रंप ने एक दिलचस्प तुलना भी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी स्वभाव से बहुत शांत हैं, लेकिन वह खुद पीएम मोदी की तरह शांत नहीं हैं। ट्रंप ने अन्य नेताओं से कहा कि आप प्रधानमंत्री मोदी को देखिए, मैं उनके स्वभाव से बिल्कुल उलट हूं। ट्रंप का यह बयान दोनों नेताओं के बीच के आपसी सम्मान और उनके अलग-अलग कार्य करने के तरीकों को दर्शाता है।

फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को फ्रांस के एवियन शहर पहुंचे थे, जहां वह जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए। इस वैश्विक मंच पर भारत की उपस्थिति और पीएम मोदी का संबोधन काफी महत्वपूर्ण रहा। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान दुनिया के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों पर मंडराते असुरक्षा के खतरों पर अपनी बात रखी। पीएम मोदी ने वैश्विक शांति और सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए इन मुद्दों पर दुनिया का ध्यान आकर्षित किया।

पश्चिम एशिया और समुद्री व्यापार पर चिंता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हम पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के प्रयासों में हो रही प्रगति का स्वागत करते हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी गहरा दुख व्यक्त किया कि इस क्षेत्र में चल रहे संघर्षों के कारण भारत के मित्र देशों को जान और माल का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य का जिक्र करते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से होने वाले व्यापार में किसी भी प्रकार की बाधा पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर डालती है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा का मुद्दा

पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया की आर्थिक सेहत से जुड़ा हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक रास्तों पर असुरक्षा से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होती है। प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया के कई हिस्सों में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे इन चुनौतियों का समाधान निकालने के लिए एकजुट हों ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था और मानवता को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके।