ट्विशा शर्मा मौत मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट और जबलपुर कोर्ट में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले के मुख्य आरोपी और मृतका के पति समर्थ सिंह ने 10 दिन तक फरार रहने के बाद आखिरकार सरेंडर करने का फैसला किया है। समर्थ सिंह अपने वकील के साथ जबलपुर कोर्ट पहुंचा था, लेकिन वहां उसे राहत नहीं मिली। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह मामला भोपाल का है, इसलिए उसे भोपाल में ही सरेंडर करना चाहिए और इससे पहले, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान समर्थ सिंह के वकील ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली थी, जिससे उसकी गिरफ्तारी या सरेंडर का रास्ता साफ हो गया था।
जबलपुर कोर्ट का निर्देश और सरेंडर की प्रक्रिया
जबलपुर कोर्ट में जब समर्थ सिंह के वकील पहुंचे, तो उन्होंने सरेंडर की इच्छा जताई। हालांकि, कानूनी क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए कोर्ट ने उन्हें भोपाल जाने का निर्देश दिया। समर्थ सिंह पर पुलिस ने पहले ही 30000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा है और उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है ताकि वह देश छोड़कर न भाग सके। हाई कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने दलील दी थी कि उनके मुवक्किल ट्रायल कोर्ट के सामने सरेंडर करना चाहते हैं। उन्होंने अदालत से यह भी अनुरोध किया था कि ट्रायल कोर्ट को उसी दिन जमानत याचिका पर फैसला करने का निर्देश दिया जाए, जिस दिन सरेंडर किया जाए। अब समर्थ सिंह को भोपाल पुलिस या वहां की अदालत के समक्ष पेश होना होगा।
एम्स दिल्ली की टीम करेगी दूसरा पोस्टमार्टम
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक बड़ा आदेश दिया है और शुक्रवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने निर्देश दिया कि ट्विशा शर्मा का दूसरा पोस्टमार्टम दिल्ली के एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों की एक विशेष टीम द्वारा किया जाए। नोएडा की रहने वाली ट्विशा की मौत 12 मई की रात को भोपाल स्थित उसके ससुराल में हुई थी। शादी के महज 5 महीने बाद हुई इस मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों की मांग और मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने निष्पक्ष जांच के लिए एम्स के विशेषज्ञों से दोबारा शव परीक्षण कराने का फैसला लिया है।
ट्विशा शर्मा का करियर और शादी का सफर
33 साल की ट्विशा शर्मा एक प्रतिभाशाली महिला थीं। उन्होंने एमबीए की पढ़ाई पूरी की थी और दिल्ली की एक निजी कंपनी में कार्यरत थीं। अपनी पेशेवर जिंदगी के अलावा, ट्विशा ने ग्लैमर की दुनिया में भी अपनी पहचान बनाई थी और उन्होंने तेलुगु फिल्मों में अभिनय किया था और मॉडलिंग के क्षेत्र में भी सक्रिय रही थीं। समर्थ सिंह और ट्विशा की मुलाकात एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और फिर परिवारों की रजामंदी से दिसंबर 2025 में उनकी शादी संपन्न हुई। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि शादी के सिर्फ 5 महीने बाद ही ट्विशा की जिंदगी का इस तरह दुखद अंत हो जाएगा। 12 मई को हुई उनकी मौत के बाद से ही समर्थ सिंह फरार चल रहा था।
दहेज उत्पीड़न और 46 प्रभावशाली कॉल्स का आरोप
ट्विशा के माता-पिता और परिजनों ने समर्थ सिंह और उसकी मां गिरिबाला सिंह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि ट्विशा को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और उसे मानसिक व शारीरिक रूप से काफी परेशान किया गया। इस मामले में एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है और ट्विशा के परिवार का आरोप है कि उसकी मौत के अगले ही दिन सास गिरिबाला सिंह ने 46 प्रभावशाली लोगों को फोन किए थे। इन 46 नंबरों में न्यायपालिका से जुड़े लोग, करीबी रिश्तेदार और अन्य रसूखदार व्यक्ति शामिल थे। परिवार ने अब इन फोन कॉल्स की जांच की मांग की है, उनका आरोप है कि मामले को प्रभावित करने की कोशिश की गई है।
पूर्व जज गिरिबाला सिंह को हाई कोर्ट का नोटिस
इस मामले में समर्थ सिंह की मां और पूर्व जज गिरिबाला सिंह की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उनकी अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं पर दिया गया है। अदालत अब इस पहलू पर विचार करेगी कि क्या उन्हें दी गई राहत बरकरार रहनी चाहिए या नहीं। पुलिस और प्रशासन पर भी इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर काफी दबाव है। अब सबकी नजरें भोपाल में होने वाले सरेंडर और एम्स दिल्ली की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह साफ करेगी कि ट्विशा की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश थी।
