पालघर: महाराष्ट्र (Maharashtra) के पालघर (Palghar) में दो साधुओं की पीट-पीटकर हत्या (Mob Lynching) मामले में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thakrey) का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि गलतफहमी में साधुओं पर हमला हुआ। इस घटना को मजहबी रंग देने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर मेरी गृहमंत्री अमित शाह से बातचीत हुई है। ठाकरे ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को बख्सा नहीं जाएगा।
We've suspended 2 policemen&appointed ADG CID Crime Atulchandra Kulkarni to investigate the matter. Over 100 persons arrested incl 5 main accused. There is nothing communal in this whole incident. I have spoken to Amit Shah ji this morning: Maharashtra CM on Palghar incident https://t.co/ONKnhXzD0s
— ANI (@ANI) April 20, 2020
मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले को मजहबी रंग देने की कोशिश न करें। हम दोषियों को नहीं छोड़ेंगे। कुछ लोग इसे हिंदू-मुस्लिम रूप देना चाहते हैं। ये मजहब की बात नहीं है। हमने 2 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है और इस मामले की जांच के लिए ADG CID क्राइम अतुलचंद्र कुलकर्णी को नियुक्त किया है। वह मामले की जांच कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि ये दुर्भाग्य की बात है कि वो साधू गुजरात जाना चाहते थे। उन्हें सीमा पर रोक कर लौटाया गया। इस मामले में 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
ठाकरे ने कहा कि जो लोग भी इस पूरे मामले में गलतफहमी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा न करें। रविवार शाम मेरी गृहमंत्री अमित शाह से बात हुई है। इस मामले पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से भी बात हुई है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि गृहमंत्री ने मुझपर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आप कोरोना से लड़ रहे हैं उसी तरह गुंडों से लड़िए।
सीएम ने कहा कि कोई ये न सोचे कि लॉकडाउन हटा दिया गया है। हमने सिर्फ अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कहीं-कहीं शर्तों में ढील दी गई है। मैंने सुना है कि कुछ लोग रिलैक्सेशन को लॉकडाउन हटाने के रूप में मान रहे हैं। यदि वे इस तरह का व्यवहार करते रहे तो हम सख्त कदम उठाएंगे।
