महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार का एक विमान हादसे में दुखद निधन हो गया। इस घटना ने न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। बारामती में हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। ममता बनर्जी ने इस हादसे के पीछे गहरी साजिश की आशंका जताते। हुए इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है।
ममता बनर्जी का सनसनीखेज दावा
ममता बनर्जी ने दावा किया है कि अजित पवार जल्द ही अपने चाचा शरद पवार की पार्टी में वापस लौटने वाले थे। उन्होंने कहा, "अजित पवार शरद पवार की पार्टी में वापस लौटने वाले थे और प्लेन हादसे की जांच कराई जाए। एजेंसियां बिकी हुई हैं, इसलिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो। " ममता बनर्जी के इस बयान ने इस दुर्घटना को एक नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। उन्होंने संकेत दिया कि अजित पवार का वापस लौटना कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा था।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय जांच एजेंसियों पर अविश्वास जताते हुए कहा कि देश में वर्तमान स्थिति ऐसी है कि एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि चूंकि मामला एक हाई-प्रोफाइल नेता की मौत से जुड़ा है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच केवल सुप्रीम कोर्ट के सुपरविजन में ही संभव है। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में अजित पवार अपने पुराने गुट में लौटने। वाले थे और उससे ठीक पहले यह दुर्घटना होना कई सवाल खड़े करता है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
मिली जानकारी के मुताबिक, यह भीषण विमान दुर्घटना आज सुबह लगभग 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट (पुणे जिला) पर हुई और अजित पवार आज सुबह ही मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए थे। वह आगामी जिला परिषद चुनावों के प्रचार के लिए एक जनसभा को संबोधित करने जा रहे थे। जैसे ही उनका चार्टर्ड प्लेन बारामती एयरपोर्ट के पास पहुंचा, वह अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में अजित पवार के अलावा उनका एक बॉडीगार्ड, एक केबिन क्रू मेंबर और दो कैप्टन शामिल थे।
वीवीआईपी सुरक्षा पर उठाए सवाल
ममता बनर्जी ने देश में मुख्यमंत्रियों और बड़े नेताओं की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "देश में लोगों की कोई सुरक्षा नहीं है। पहले अहमदाबाद में इतने लोगों की जान गई और अब इस हादसे में अजित पवार की जान चली गई और देश के मुख्यमंत्री और बड़े नेता समय की कमी के कारण अक्सर चार्टर्ड फ्लाइट में सफर करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? हम इस हादसे से बेहद परेशान हैं और हमारे पास शब्द नहीं हैं।
महाराष्ट्र में तीन दिन का राजकीय शोक
अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। मुख्यमंत्री और अन्य कैबिनेट मंत्रियों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। बारामती, जो अजित पवार का गढ़ माना जाता है, वहां सन्नाटा पसरा हुआ है और उनके समर्थक सदमे में हैं। शरद पवार ने भी अपने भतीजे के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है, हालांकि। उन्होंने ममता बनर्जी के राजनीतिक दावों पर अभी तक कोई सीधी टिप्पणी नहीं की है।
राजनीतिक भविष्य और अटकलें
अजित पवार का निधन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वह राज्य के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक थे। ममता बनर्जी के बयान के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या विपक्षी दल इस मांग को आगे बढ़ाते हैं। क्या वास्तव में अजित पवार घर वापसी की तैयारी कर रहे थे? यह एक ऐसा सवाल है जो अब लंबे समय तक महाराष्ट्र की राजनीति में गूंजता रहेगा। फिलहाल, पूरा देश इस दुखद घड़ी में पवार परिवार के साथ खड़ा है और हादसे की तकनीकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
