अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर निवेश के आरोपों का खुलासा

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से पहले एक बड़े डिफेंस फंड में निवेश की कोशिश करने के आरोप लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उनके ब्रोकर ने ब्लैक रॉक के डिफेंस ईटीएफ में हिस्सेदारी खरीदने का प्रयास किया था। पेंटागन ने इन दावों को पूरी तरह निराधार और झूठा बताया है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गए हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू होने से कुछ सप्ताह पहले हेगसेथ की ओर से काम कर रहे एक ब्रोकर ने रक्षा क्षेत्र पर केंद्रित एक बड़े निवेश फंड में करोड़ों डॉलर का निवेश हासिल करने का प्रयास किया था। यह मामला तब सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। हालांकि, पेंटागन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और इन्हें पूरी तरह से मनगढ़ंत करार दिया है।

निवेश के प्रयासों का विस्तृत विवरण

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मॉर्गन स्टेनली में पीट हेगसेथ के ब्रोकर ने फरवरी के महीने में दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैक रॉक से संपर्क किया था। यह संपर्क कथित तौर पर ब्लैक रॉक के 'डिफेंस इंडस्ट्रियल्स एक्टिव ईटीएफ' (IDEF) में एक बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के उद्देश्य से किया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह प्रयास उस समय किया गया जब अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य रणनीति तैयार कर रहा था। अधिकारियों के अनुसार, यह निवेश प्रस्ताव रक्षा क्षेत्र की उन कंपनियों पर केंद्रित था जो सीधे तौर पर अमेरिकी रक्षा विभाग के साथ व्यापार करती हैं।

पेंटागन की आधिकारिक प्रतिक्रिया और खंडन

पेंटागन ने इन आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रक्षा विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, यह आरोप पूरी तरह से झूठा और निराधार है। पेंटागन ने स्पष्ट किया कि न तो रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और न ही उनके किसी प्रतिनिधि ने इस तरह के किसी निवेश के संबंध में ब्लैक रॉक या किसी अन्य वित्तीय संस्थान से संपर्क किया है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह जनता को गुमराह करने और रक्षा मंत्री की छवि को धूमिल करने का एक सुनियोजित प्रयास है। विभाग ने इसे एक आधारहीन दावा बताते हुए खारिज कर दिया है।

ब्लैक रॉक और IDEF फंड की संरचना

ब्लैक रॉक, जो 1988 में स्थापित हुई थी, वर्तमान में दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजर कंपनी है। 2 billion का एक इक्विटी फंड है। ब्लैक रॉक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह फंड मुख्य रूप से उन कंपनियों में निवेश करता है जो रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस फंड की सबसे बड़ी होल्डिंग्स में आरटीएक्स (RTX), लॉकहीड मार्टिन (Lockheed Martin) और नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन (Northrop Grumman) जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। इन सभी कंपनियों का सबसे बड़ा ग्राहक अमेरिकी रक्षा विभाग ही है।

प्रशासनिक बाधाएं और लेनदेन की स्थिति

रिपोर्टों में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह कथित लेनदेन अंततः पूरा नहीं हो सका और इसका मुख्य कारण प्रशासनिक और तकनीकी बाधाएं बताई गई हैं। IDEF फंड पिछले साल मई में ही लॉन्च किया गया था और जांच के समय तक यह मॉर्गन स्टेनली के क्लाइंट प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं था। वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में इस फंड में 28% की वृद्धि दर्ज की गई है, हालांकि पिछले एक महीने के दौरान इसमें लगभग 13% की गिरावट भी देखी गई है। यह फंड रक्षा क्षेत्र की विकास संभावनाओं पर आधारित है।

ईरान के साथ सैन्य संघर्ष की पृष्ठभूमि

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है। पीट हेगसेथ को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के एक ऐसे सदस्य के रूप में देखा जाता है जिन्होंने ईरान के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई की वकालत की है। अमेरिका और इजराइल के संयुक्त अभियान को शुरू हुए 30 दिन से अधिक का समय हो चुका है। 28 फरवरी को शुरू हुई इस सैन्य कार्रवाई में अमेरिका ने ईरान के कई शीर्ष नेताओं को निशाना बनाने का दावा किया है। इस भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच रक्षा मंत्री पर लगे इन आरोपों ने वाशिंगटन के राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।