ईरान युद्ध में अमेरिका को भारी चोट: 3 छिपे आंकड़ों ने खोली वाशिंगटन के नुकसान की पोल

ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिका को 3 लाख 62 हजार करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, राजनयिक केंद्रों को नुकसान, ड्रोन की तबाही और नागरिकों को निकालने में हुए खर्च ने पेंटागन की चिंताओं को बढ़ा दिया है।

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव और युद्ध की स्थिति ने वाशिंगटन को आर्थिक और सैन्य मोर्चे पर गहरा घाव दिया है और अब तक के युद्ध में अमेरिका को कुल 3 लाख 62 हजार करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। यह चौंकाने वाला आंकड़ा पहली बार एक वाचडॉग की रिपोर्ट के जरिए सामने आया है। इससे पहले तक पेंटागन केवल अमेरिकी सैनिकों पर होने वाले हमलों का डेटा ही सार्वजनिक कर रहा था, लेकिन इस नई रिपोर्ट ने उन 3 क्षेत्रों का खुलासा कर दिया है जहां अमेरिका को सबसे ज्यादा चोट पहुंची है और जिनका डेटा अब तक छिपाकर रखा गया था।

राजनयिक केंद्रों और दूतावासों पर हमला

रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी राजनयिक सुविधाओं (Diplomatic Facilities) को ईरान ने भारी नुकसान पहुंचाया है। तेहरान द्वारा किए गए हमलों के कारण वाशिंगटन को करीब 184 मिलियन डॉलर का वित्तीय नुकसान हुआ है। विशेष रूप से बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी दूतावासों पर ईरान ने जमकर हमले किए, जिससे वहां की इमारतों और सुरक्षा प्रणालियों को भारी क्षति पहुंची। यह 184 मिलियन डॉलर का आंकड़ा उस नुकसान को दर्शाता है जिसे अब तक मुख्य युद्ध खर्च से अलग रखा गया था।

सैन्य विमानों और ड्रोन की तबाही

युद्ध के मैदान में अमेरिका को अपने सबसे आधुनिक हथियारों से भी हाथ धोना पड़ा है और समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस संघर्ष में अब तक अमेरिका के 7 एयरक्राफ्ट और 30 एमक्यू-9 (MQ-9) ड्रोन या तो पूरी तरह नष्ट हो गए हैं या उन्हें गंभीर क्षति पहुंची है। एमक्यू-9 ड्रोन की इतनी बड़ी संख्या में तबाही अमेरिका के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका है। इसके अलावा, मानवीय क्षति का आंकड़ा भी आधिकारिक दावों से अलग है। जहां पेंटागन केवल 12 जवानों की मौत को आधिकारिक तौर पर स्वीकार करता है, वहीं नई रिपोर्ट बताती है कि ईरानी हमलों में अब तक अमेरिका के 18 जवान अपनी जान गंवा चुके हैं।

खर्च को लेकर विरोधाभासी आंकड़े

युद्ध पर होने वाले कुल खर्च को लेकर अमेरिकी प्रशासन के भीतर ही मतभेद नजर आ रहे हैं। पेंटागन के प्रमुख और अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने अमेरिकी कांग्रेस को जानकारी दी थी कि इस युद्ध में अब तक 37 बिलियन डॉलर यानी करीब 3 लाख 59 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। हालांकि, सीएनएन की एक विस्तृत रिपोर्ट में इस आंकड़े को कम बताया गया है। सीएनएन ने विशेषज्ञों के हवाले से दावा किया है कि युद्ध में अमेरिका का वास्तविक खर्च 60 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा हो चुका है। वाचडॉग की रिपोर्ट में सामने आया 3 लाख 62 हजार करोड़ रुपये का आंकड़ा इसी ओर इशारा करता है कि नुकसान का दायरा सरकारी अनुमानों से कहीं अधिक विस्तृत है।

नागरिकों की निकासी और हथियारों की बिक्री

युद्ध के दौरान अमेरिका को अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी बड़ी रकम खर्च करनी पड़ी। रिपोर्ट के मुताबिक, खाड़ी देशों से लगभग 9000 अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक आपातकालीन अभियान चलाया गया, जिस पर 113 मिलियन डॉलर का खर्च आया। यह अभियान युद्ध के सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सों में से एक था। हालांकि, इस युद्ध के बीच अमेरिका को एक बड़ा व्यापारिक लाभ भी हुआ है और अमेरिका ने जंग के दौरान सऊदी अरब को 44 बिलियन डॉलर के हथियार बेचे हैं। हालांकि, इस भारी-भरकम सौदे से अमेरिकी सरकार को सीधे तौर पर कितने रुपये और कितने पैसे का मुनाफा हुआ, इसकी सटीक जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।