सीरिया से 12 साल बाद अमेरिकी सेना की पूर्ण वापसी, सभी सैन्य ठिकाने खाली

अमेरिका ने 12 वर्षों के बाद सीरिया से अपनी सेना पूरी तरह वापस बुला ली है। अप्रैल 2026 में आखिरी सैन्य काफिले के निकलने के साथ ही सीरियाई सरकार ने सभी ठिकानों पर नियंत्रण कर लिया है। इस कदम को देश की एकता और कुर्द लड़ाकों के सेना में विलय की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अमेरिका ने करीब 12 साल के लंबे अंतराल के बाद सीरिया में अपने सभी सैन्य अड्डे खाली कर दिए हैं। इसे सीरिया को एकजुट करने की दिशा में एक अत्यंत अहम कदम माना जा रहा है। इस सैन्य वापसी के साथ ही अब कुर्द लड़ाकों को भी सीरियाई राष्ट्रीय सेना में शामिल करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

सैन्य ठिकानों का हस्तांतरण और सैनिकों की वापसी

करीब 12 वर्ष बाद अमेरिका ने सीरिया से अपने सैनिकों को पूरी तरह वापस बुला लिया है। अमेरिकी सेना ने सीरिया में अपने सभी रणनीतिक सैन्य ठिकाने खाली कर दिए हैं। अप्रैल 2026 में हसाका के कसराक एयरबेस से आखिरी अमेरिकी सैन्य काफिला रवाना हुआ। इस निकासी के तुरंत बाद सीरियाई सरकार ने इन सभी ठिकानों को अपने पूर्ण नियंत्रण में ले लिया है। सीरिया के विदेश मंत्रालय ने इस घटनाक्रम पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि यह कदम देश को एकजुट करने और पूरे क्षेत्र में सरकारी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा मोड़ साबित होगा।

जॉर्डन स्थानांतरित हुए अमेरिकी सैनिक

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस बात की पुष्टि की है कि सीरिया से निकले करीब 2000 सैनिक अब जॉर्डन जा रहे हैं। अमेरिका ने हसाका, रुमैलान और देइर एज-जोर जैसे क्षेत्रों में मौजूद अपने कम से कम सात बड़े सैन्य ठिकाने खाली किए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में खाली किया गया आखिरी ठिकाना कसराक एयरबेस था, जिस पर अब सीरियाई सेना का कब्जा हो गया है।

कुर्द लड़ाकों का विलय और सीमा नियंत्रण

सीरिया सरकार और सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) के बीच हुए एक महत्वपूर्ण समझौते के बाद अब कुर्द लड़ाकों को राष्ट्रीय सेना में शामिल किया जा रहा है। इस समझौते के परिणामस्वरूप सीमाई इलाकों पर भी दमिश्क का नियंत्रण काफी बढ़ गया है। सीरिया ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय आईएस-विरोधी गठबंधन में शामिल होकर अपनी भूमिका में बदलाव किया है। इस कूटनीतिक बदलाव के कारण अमेरिका के लिए सीरिया में सैन्य मौजूदगी का आधार कमजोर हुआ और अब वह इस क्षेत्र में अपनी रणनीति को नए सिरे से तय कर रहा है।

अमेरिका और सीरिया के संबंधों में ऐतिहासिक सुधार

अमेरिका और सीरिया के बीच संबंध दशकों तक तनावपूर्ण बने रहे थे, लेकिन दिसंबर 2024 में बशर अल-असद की सत्ता गिरने के बाद इन संबंधों में तेजी से सुधार देखा गया। मई 2025 में सऊदी अरब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सीरियाई नेता शरा के बीच पहली ऐतिहासिक मुलाकात हुई। इस बैठक के बाद अमेरिका ने सीरिया पर लगे ज्यादातर प्रतिबंधों को हटाने की घोषणा कर दी। उल्लेखनीय है कि दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की शुरुआत सबसे पहले वर्ष 1835 में हुई थी।