ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब की राजधानी रियाद सहित कई प्रमुख शहरों पर किए गए भीषण ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इन हमलों की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने नागरिकों के लिए एक व्यापक सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। अमेरिका ने स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (STEP) के तहत अलर्ट जारी करते हुए अपने नागरिकों को इस क्षेत्र की यात्रा करने या वहां से गुजरने के बारे में गंभीरता से विचार करने की सलाह दी है। सऊदी अरब ने भी रियाद सहित देश के विभिन्न हिस्सों में हवाई हमले की चेतावनी यानी एयर रेड अलर्ट जारी कर दिया है।
रियाद और ऊर्जा ठिकानों पर हूती विद्रोहियों का हमला
हूती विद्रोहियों ने शनिवार को घोषणा की कि उन्होंने रियाद में कई संवेदनशील ठिकानों को अपना निशाना बनाया है। इस हमले के बाद रियाद के मुख्य हवाई अड्डे के पास आग की लपटें और काले धुएं का गुबार देखा गया, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई। सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने जानकारी दी है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। रियाद के अलावा, हूतियों ने लाल सागर के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र यान्बू में स्थित सऊदी अरामको की एक फैसिलिटी पर भी हमले का दावा किया है और विद्रोहियों का कहना है कि यह कार्रवाई यमन की राजधानी सना में सऊदी गठबंधन की सैन्य गतिविधियों का जवाब है। सऊदी गठबंधन ने बिश, फरासन, ताइफ और यान्बू में नागरिकों को निशाना बनाने वाले अन्य हमलों को भी नाकाम करने की पुष्टि की है।
अमेरिकी दूतावासों द्वारा जारी देशों की सुरक्षा सूची
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिकी हितों को खतरे में देखते हुए अमेरिकी दूतावासों ने कई देशों के लिए एक साथ सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं। ईरान के लिए निर्देश दिया गया है कि वहां की यात्रा न करें और जो वहां मौजूद हैं वे तुरंत देश छोड़ दें। इराक, लेबनान, सीरिया, यमन और गाजा के लिए भी 'यात्रा न करें' की चेतावनी जारी की गई है। सऊदी अरब की यात्रा पर दोबारा विचार करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा बहरीन, ओमान, कतर, कुवैत और जॉर्डन के लिए भी सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए हैं। अमेरिकी नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे STEP पर तुरंत रजिस्टर करें ताकि उन्हें सुरक्षा से जुड़े पल-पल के अपडेट मिल सकें।
सैन्य हलचल और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
तनावपूर्ण स्थिति के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कैंप डेविड में रात बिताने के बाद तय समय से पहले ही व्हाइट हाउस लौट आए हैं। इस बीच, ब्रिटेन के एक एयरबेस से अमेरिकी बॉम्बर के रवाना होने की भी खबर है, जो क्षेत्र में बढ़ती सैन्य सतर्कता का संकेत है। हालांकि सऊदी अरब ने हूतियों के खिलाफ सीधे अमेरिकी सैन्य दखल की अपील की है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने फिलहाल इससे इनकार किया है। दूसरी ओर, तुर्की ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के साथ अपने रक्षा समझौतों के तहत मदद की पेशकश की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है।
वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर संकट
हूतियों ने जुलाई में सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा की थी, जिसके बाद से उनके हमलों में तेजी आई है। उनके निशाने पर सऊदी के शहर, ऊर्जा ढांचा और लाल सागर की शिपिंग रही है। इन हमलों से वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पहले से ही प्रभावित है और अब लाल सागर में बढ़ते हमलों ने अंतरराष्ट्रीय चिंताएं बढ़ा दी हैं। अमेरिका ने यह भी चेतावनी दी है कि उसके राजनयिक ठिकानों को मिडिल ईस्ट के बाहर भी निशाना बनाया गया है और ईरान समर्थित समूह दुनिया भर में अमेरिकी हितों और नागरिकों को निशाना बना सकते हैं।
