वेनेजुएला में हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन ने वैश्विक भू-राजनीति में एक महत्वपूर्ण और अप्रत्याशित मोड़ ला दिया है। निकोलस मादुरो के बाद डेल्सी रोड्रिग्ज को देश का अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है, और इस नाटकीय बदलाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने कई गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं और क्या यह केवल एक आंतरिक राजनीतिक फेरबदल है, या फिर यह किसी बड़े और जटिल जियोपॉलिटिकल गेम का पर्दाफाश है, जिसकी परतें अभी खुलनी बाकी हैं? यह सवाल इसलिए भी अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि डेल्सी रोड्रिग्ज, एक ऐसी हस्ती जिन पर कभी संयुक्त राज्य अमेरिका ने कड़े प्रतिबंध लगाए थे, अब उन्हीं की प्रशंसा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं। यह स्थिति एक असाधारण और विरोधाभासी समीकरण को दर्शाती है, जहां पुराने दुश्मन नए दोस्त बनते दिख रहे हैं,। या फिर यह महज एक चतुर रणनीतिक चाल है जो भविष्य में बड़े परिणामों को जन्म दे सकती है। इस पूरे घटनाक्रम में ट्रंप और डेल्सी के बीच के संबंधों की जटिलता और वेनेजुएला के भविष्य पर इसके संभावित प्रभाव को समझना आवश्यक है।
वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन और जियोपॉलिटिकल गेम
ट्रंप का चौंकाने वाला बयान और डेल्सी पर भरोसा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला की नई अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसने वैश्विक पर्यवेक्षकों को चौंका दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वेनेजुएला का नियंत्रण संयुक्त राज्य अमेरिका अपने हाथों में ले सकता है, और यह संभवतः निकोलस मादुरो के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक के साथ तालमेल बिठाकर किया जाएगा और यह बयान इसलिए भी अत्यधिक उल्लेखनीय है क्योंकि डेल्सी रोड्रिग्ज 2018 से निकोलस मादुरो की उपराष्ट्रपति के रूप में कार्य कर रही थीं और उन्हें मादुरो का सबसे करीबी और वफादार माना जाता है। शनिवार को वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अंतरिम राष्ट्रपति का पद संभालने का आदेश दिया, जिसके तुरंत बाद ट्रंप का यह बयान आया, जिसने स्थिति को और भी रहस्यमय बना दिया और ट्रंप का यह रुख कई लोगों के लिए आश्चर्यजनक है, खासकर उन लोगों के लिए जो डेल्सी के अतीत और अमेरिका के साथ उनके तनावपूर्ण संबंधों से भली-भांति वाकिफ हैं। यह एक ऐसा मोड़ है जो पारंपरिक कूटनीतिक मानदंडों से हटकर प्रतीत होता है।
**अमेरिका ने डेल्सी पर क्यों लगाए थे प्रतिबंध?
डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान, संयुक्त राज्य अमेरिका ने डेल्सी रोड्रिग्ज पर गंभीर प्रतिबंध लगाए थे। ये प्रतिबंध वेनेजुएला के लोकतंत्र को कमजोर करने में उनकी कथित भूमिका के कारण लगाए गए थे, जिसमें मानवाधिकारों का उल्लंघन और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना शामिल था। उस समय, अमेरिका ने डेल्सी को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखा था जो मादुरो सरकार का सक्रिय रूप से समर्थन कर रही थी और देश में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बाधित कर रही थी, जिससे वेनेजुएला की जनता के अधिकारों का हनन हो रहा था और ऐसे में, अब ट्रंप का यह कहना कि डेल्सी "मूल रूप से वह सब कुछ करने के लिए तैयार हैं, जिसको हम वेनेजुएला को फिर से महान बनाने के लिए आवश्यक समझते हैं," एक बड़ा और स्पष्ट विरोधाभास पैदा करता है। यह सवाल उठता है कि क्या अमेरिका ने अपनी विदेश नीति में एक मौलिक बदलाव किया है, या फिर यह केवल एक रणनीतिक कदम है ताकि वेनेजुएला में अमेरिकी हितों को एक नए और अप्रत्याशित तरीके से साधा जा सके और इस बदलाव के पीछे की वास्तविक प्रेरणा अभी भी अस्पष्ट है।
**नोबेल प्राइज विनर नेता को ट्रंप का समर्थन क्यों नहीं?
वेनेजुएला में नेतृत्व के दूसरे विकल्पों पर बात करते हुए, ट्रंप ने विपक्षी नेता और नोबेल प्राइज विनर मारिया कोरिना माचाडो को समर्थन देने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया और ट्रंप ने तर्क दिया कि माचाडो के पास देश चलाने के लिए पर्याप्त जन समर्थन नहीं है, जो उन्हें एक प्रभावी नेता बनने से रोकता है। यह बयान ट्रंप की प्राथमिकता को और अधिक स्पष्ट करता है कि वेनेजुएला में स्थिरता और अमेरिकी हितों की पूर्ति के लिए वे एक ऐसे नेता के साथ काम करने को तैयार हैं, भले ही उनके अतीत में अमेरिका के साथ कितने भी तनावपूर्ण संबंध क्यों न रहे हों। यह दर्शाता है कि ट्रंप की रणनीति व्यावहारिकता पर आधारित है, न कि केवल वैचारिक संरेखण या मानवाधिकारों के मुद्दों पर और यह एक ऐसा दृष्टिकोण है जो तात्कालिक भू-राजनीतिक लाभ को दीर्घकालिक वैचारिक प्रतिबद्धताओं पर प्राथमिकता देता है।
ट्रंप की तारीफ और डेल्सी से बातचीत का दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण दावा किया कि डेल्सी रोड्रिग्ज ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से फोन पर काफी देर तक बातचीत की है। ट्रंप के अनुसार, इस बातचीत में डेल्सी ने कथित तौर पर कहा, "आपको जो भी चाहिए, हम करने को तैयार हैं। " ट्रंप ने डेल्सी के बारे में बात करते हुए आगे कहा कि फोन पर बातचीत में वह काफी शालीन थीं और उन्होंने सहयोग की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने यह भी जोड़ा, "हम यह जोखिम नहीं ले सकते कि वेनेजुएला की कमान किसी ऐसे शख्स को मिल जाए, जो वेनेजुएला के लोगों का भला न सोचता हो। " यह बयान डेल्सी को एक ऐसे नेता के रूप में प्रस्तुत करता है जो अमेरिका के साथ सहयोग करने को इच्छुक है, और वेनेजुएला के भविष्य के लिए एक सकारात्मक बदलाव ला सकती है। हालांकि, डेल्सी के सार्वजनिक बयान और कार्य इसके ठीक उलट हैं, जिससे इस दावे की सत्यता पर संदेह पैदा होता है।
डेल्सी रोड्रिग्ज के कड़े तेवर और अमेरिका को चुनौती
ट्रंप के दावों और तारीफों के बावजूद, डेल्सी रोड्रिग्ज ने सार्वजनिक रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ बेहद कड़े और अडिग तेवर दिखाए हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त करने के फैसले से पहले, डेल्सी ने निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की। उन्होंने वेनेजुएला में अमेरिका के किसी भी सैन्य ऑपरेशन को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का एक बड़ा और अस्वीकार्य उल्लंघन बताया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन होगा। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि डेल्सी अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और वेनेजुएला के हितों को लेकर। कोई समझौता करने को तैयार नहीं हैं, और वे बाहरी दबाव के आगे झुकने वाली नहीं हैं। उनके बयान ट्रंप के दावों के विपरीत हैं और एक जटिल भू-राजनीतिक नाटक की ओर इशारा करते हैं, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे के प्रति विरोधाभासी रुख अपना रहे हैं।
मादुरो के समर्थन में डेल्सी और सैन्य अधिकारियों का रुख
डेल्सी रोड्रिग्ज ने सार्वजनिक रूप से यह भी दृढ़ता से कहा था, "इस देश में सिर्फ एक ही राष्ट्रपति है, और उनका नाम है निकोलस मादुरो और " यह बयान उनके पूर्ववर्ती के प्रति उनकी अटूट वफादारी और वेनेजुएला की आंतरिक राजनीति में उनकी मजबूत स्थिति को और अधिक स्पष्ट करता है। इसके अलावा, अमेरिकी ऑपरेशन से घबराई जनता की हिम्मत बंधाते हुए, वेनेजुएला के सैन्य अधिकारियों ने भी अपने वीडियो मैसेज में आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने ट्रंप और संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया और अमेरिकी दबाव का सामना करने की कसम खाई। यह सब मिलकर एक ऐसा माहौल बनाता है जहां वेनेजुएला की सरकार और सेना एकजुट होकर बाहरी दबाव का सामना करने को तैयार दिख रही है, जिससे अमेरिका के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है।
क्या अमेरिका से सहयोग करेंगी डेल्सी?
अपनी टेलीविजन स्पीच के दौरान, डेल्सी रोड्रिग्ज ने उस सवाल को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया, जिसमें उनसे पूछा गया था कि क्या वे संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ सहयोग करेंगी। बार-बार अनुरोध करने पर भी उन्होंने इस बात का सीधा जवाब नहीं दिया, जिससे उनकी वास्तविक मंशा पर संदेह गहरा गया। इसके बजाय, डेल्सी ने यह जरूर कहा, "वेनेजुएला के साथ जो हो रहा है, वह अत्याचार है। यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। " यह उनके दृढ़ रुख को दर्शाता है कि वे अमेरिका के साथ किसी भी तरह के सहयोग पर सार्वजनिक रूप से बात करने से बच रही हैं, और इसके बजाय वेनेजुएला पर हो रहे कथित अन्याय और अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और यह स्थिति ट्रंप के दावों और डेल्सी के वास्तविक इरादों के बीच एक बड़ा अंतर पैदा करती है, जिससे यह सवाल और गहरा जाता है कि क्या यह एक गुप्त डील का संकेत है या ट्रंप की कोई नई और अप्रत्याशित रणनीति है।