वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने वैश्विक मंच पर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निकोलस मादुरो को अपदस्थ करने के बाद वेनेजुएला पर अमेरिकी नियंत्रण का ऐलान किया है, लेकिन इस कदम को लेकर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में व्यापक निंदा हो रही है और रूस और अन्य देशों के बाद, अब दुनिया की एक और बड़ी ताकत चीन ने इस कार्रवाई पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है और अमेरिका से वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करने की मांग की है। चीन ने यह भी आह्वान किया है कि सभी मुद्दों को बातचीत के जरिए हल किया जाए, न कि सैन्य बल के प्रयोग से।
अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन
चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर अमेरिका के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून, अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी मानदंडों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों तथा सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। चीन ने कहा कि अमेरिका द्वारा अपदस्थ किए गए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को जबरन हिरासत में लेकर देश से बाहर ले जाने पर चीन गहरी चिंता व्यक्त करता है। यह बयान अमेरिकी कार्रवाई की गंभीरता और उसके वैश्विक परिणामों को रेखांकित करता है, क्योंकि यह एक संप्रभु राष्ट्र के आंतरिक मामलों में सीधे हस्तक्षेप का मामला है।
मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग
अपने बयान में, चीन ने स्पष्ट रूप से अमेरिका से अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करने, उन्हें तुरंत रिहा करने और वेनेजुएला सरकार को गिराने का प्रयास रोकने का आह्वान किया है और चीन ने जोर देकर कहा है कि बातचीत के माध्यम से ही मुद्दों को हल किया जाना चाहिए। यह मांग चीन की उस नीति के अनुरूप है जिसमें वह देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने पर जोर देता है। चीन का मानना है कि एकतरफा सैन्य कार्रवाई से क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ती है और वैश्विक शांति को खतरा होता है।
वर्चस्ववादी कृत्य और क्षेत्रीय शांति को खतरा
शनिवार को भी चीन के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हवाई हमलों और मादुरो तथा उनकी पत्नी की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे एक वर्चस्ववादी कृत्य बताया था। चीन ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर रूप से उल्लंघन है और चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी हवाई हमलों और मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की गिरफ्तारी की घोषणा किए जाने के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा कि वह एक संप्रभु राष्ट्र के खिलाफ अमेरिका द्वारा फोर्स का खुलेआम इस्तेमाल किए जाने और उसके राष्ट्रपति के खिलाफ कार्रवाई से बेहद स्तब्ध है और इसकी कड़ी निंदा करता है। चीन के विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि अमेरिका के इस तरह के वर्चस्ववादी कृत्य अंतरराष्ट्रीय कानून और वेनेजुएला की संप्रभुता का गंभीर रूप से उल्लंघन करते हैं और लैटिन अमेरिकी तथा कैरेबियाई क्षेत्र में शांति व सुरक्षा को खतरा पैदा करते हैं।
बीजिंग के लिए बड़ा झटका
वेनेजुएला में निकोलस मादुरो सरकार का पतन और अमेरिका द्वारा उनकी गिरफ्तारी बीजिंग के लिए एक बड़ा झटका है। मादुरो के पूर्ववर्ती ह्यूगो शावेज के समय से ही वेनेजुएला के साथ चीन के घनिष्ठ रणनीतिक संबंध रहे हैं। इन संबंधों में ऊर्जा, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सहयोग शामिल था। मादुरो सरकार के पतन से चीन के इन रणनीतिक हितों पर सीधा असर पड़ सकता है और लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में चीन के प्रभाव को भी चुनौती मिल सकती है। चीन ने अमेरिका से अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों तथा सिद्धांतों का पालन। करने और अन्य देशों की संप्रभुता व सुरक्षा का उल्लंघन बंद करने का आह्वान किया है।
ट्रंप के लिए बढ़ती मुश्किलें
अमेरिका के अंदर भी विपक्षी दलों ने ट्रंप के एक्शन को सही नहीं ठहराया है और अगर बीच का कोई रास्ता निकालने की कोशिश नहीं की गई तो राष्ट्रपति ट्रंप का यह एक्शन उनपर भारी पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती निंदा और घरेलू विरोध के कारण ट्रंप प्रशासन को इस मामले में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है और वेनेजुएला की स्थिति न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक भू-राजनीति पर भी गहरा प्रभाव डालेगी, जिससे आने वाले समय में कई कूटनीतिक और सुरक्षा संबंधी मुद्दे उठ सकते हैं।