राजस्थान में नया फैसला / ग्राम सेवा सहकारी समितियों को खाद-बीज बेचान के लाइसेंस मिलेंगे, 200-200 नये सदस्य किसानों को जोड़ेंगे, 2000 नई सहकारी समितियां बनेंगी

Zoom News : Sep 05, 2020, 05:43 PM
जयपुर | प्रमुख शासन सचिव, सहकारिता एवं कृषि कुंजी लाल मीणा ने कहा कि राज्य की सभी ग्राम सेवा सहकारी समितियों को खाद, बीज एवं कीटनाशक बेचान के लाइसेंस जारी किये जायेंगे। समितियों को पात्र बनाने के लिये कृषि विज्ञान केन्द्र से संबंधित समिति के पात्र कार्मिक को इसके लिये प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। उन्होंने निर्देश दिये कि कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुये 15 से 30 सितम्बर तक प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत की जाए। 

मीणा एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता मुक्तानन्द अग्रवाल शनिवार को ब्लाॅक लेवल तक आयोजित वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करीब 4 हजार सहकार कर्मियों जिनमें सहकारी समितियों के व्यवस्थापक, निरीक्षक, सहायक रजिस्ट्रार, उप रजिस्ट्रार, संयुक्त रजिस्ट्रार, अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहित काॅनफैड, सहकारी बैंकों, राजफैड में प्रतिनियुक्त अधिकारियों से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि सहकारिता से राजस्थान के करीब 70 लाख किसान किसी न किसी रूप में जुड़े हुये हैं एवं उन्हें सेवा प्रदान कराई जा रही है। 

किसान हमारा  अन्नदाता

प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि किसान हमारा अन्नदाता है और उसकी सेवा करना हमारा फर्ज है। अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने के लिये ग्राम सेवा सहकारी समिति 200 नये सदस्य बनायेगी ताकि उन्हें ऋण, खाद, बीज एवं कीटनाशक जैसी सुविधायें स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश में 6545 ग्राम सेवा सहकारी समितियां कार्यरत है। उन्होंने ग्राम स्तर पर अधिक से अधिक व्यक्तियों एवं किसानों को सहकारिता के दायरे में लाकर उन्हें लाभान्वित करने के उद्देश्य से निर्देश दिये कि वर्ष 2022-23 तक 2 हजार नई ग्राम सेवा सहकारी समितियों का गठन सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने सभी उप रजिस्ट्रार को निर्देश दिये कि इस वित्तीय वर्ष में 1 हजार नई ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य पूरा करें।

अनुदानित बीजों का करेंगे बेचान

मीणा ने कहा कि ब्लाॅक लेवल पर नियुक्त सहकारिता निरीक्षक के कार्य दायित्व एवं लक्ष्य निर्धारित किये जा रहे हैं ताकि राज्य सरकार के निर्णयों का लाभ ग्रासरूट लेवल के व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से ही अनुदानित बीजों का बेचान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से ग्राम सेवा सहकारी समितियों की आय में वृद्धि होगी एवं पात्र किसानों को सरकार के अनुदान का भी लाभ मिलेगा और प्रमाणित बीज की आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी।

प्रति समिति आठ लाख

रजिस्ट्रार, सहकारिता ने कहा कि 100 ग्राम सेवा सहकारी समितियों पर कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की जा रही है। समितियों का चयन कर लिया गया है। राज्य सरकार द्वारा प्रति समिति 8 लाख रुपये भी उपलब्ध कराये जा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिये कि स्थानीय आवश्यकता के अनुसार कृषि यंत्रों की उपलब्धता सूची भिजवाई जाए। अग्रवाल ने कहा कि जिन ग्राम सेवा सहकारी समितियों के पास गोदाम एवं कार्यालय हेतु भूमि उपलब्ध नहीं है, उन्हें निःशुल्क भूमि आवंटन करवाया जायेगा। उन्होंने निर्देश दिये कि जिले वार भूमि विहीन सहकारी समितियों की सूची तैयार करें तथा जिला उप रजिस्ट्रार समिति से समन्वय स्थापित कर भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू करें। विभाग के स्तर से भी जिला कलक्टर को भी लिखा जायेगा। उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणों में विभिन्न प्रकार की जांचे लम्बित हैं, उन्हें एक माह में निस्तारित करें। उन्होंने निर्देश दिये कि जिन सहकारी समितियों में आडिटर नियुक्त नहीं किया है, ऐसी समितियों को चिह्नित कर आडिटर नियुक्ति के साथ ही शत-प्रतिशत आॅडिट के लक्ष्य को पूरा करें। वीसी के दौरान प्रमुख शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार ने ब्लाॅक लेवल पर उपस्थित व्यवस्थापकों से संवाद किया एवं उनके कार्यों तथा समस्या के बारे में भी जानकारी ली।

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