न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के। लिए बेहद रोमांचक होने वाली है, खासकर विराट कोहली के प्रशंसकों के लिए। भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली एक बार फिर अपने शानदार फॉर्म में लौट आए हैं और अब उनके पास एक ऐसा ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ने का सुनहरा अवसर है, जो उन्हें महान सचिन तेंदुलकर से भी आगे ले जा सकता है। 11 जनवरी से शुरू हो रही इस सीरीज में कोहली का खेलना लगभग तय है, और सभी की निगाहें उन पर टिकी होंगी कि क्या वह यह बड़ा मुकाम हासिल कर पाते हैं।
सचिन तेंदुलकर का अटूट रिकॉर्ड और कोहली की चुनौती
विराट कोहली को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बनने के लिए सिर्फ 94 रनों की आवश्यकता है। यह रिकॉर्ड वर्तमान में 'क्रिकेट के भगवान' कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है, जिन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 42 वनडे मैचों में कुल 1750 रन बनाए हैं। सचिन ने अपने करियर में कीवी टीम के खिलाफ कई यादगार पारियां खेली हैं, और उनका यह रिकॉर्ड लंबे समय से कायम है और अब विराट कोहली, जो इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं, इस रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगी और कोहली की महानता को और पुख्ता करेगी।
विराट कोहली का न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रदर्शन
विराट कोहली ने साल 2010 से ही न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे मैचों में अपनी छाप छोड़ी है। उन्होंने अब तक कीवी टीम के खिलाफ 33 मुकाबलों में कुल 1657 रन बनाए हैं। इन पारियों में उनके बल्ले से 6 शानदार शतक और 9 अर्धशतक निकले हैं, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी निरंतरता और आक्रामक खेल को दर्शाते हैं। कोहली ने हमेशा बड़े मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है, और न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका रिकॉर्ड इस बात का प्रमाण है कि वह दबाव में भी बेहतरीन प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं और यह आंकड़े बताते हैं कि वह कीवी गेंदबाजों के लिए हमेशा एक बड़ी चुनौती रहे हैं और उन्होंने अक्सर अपनी टीम के लिए मैच जिताऊ पारियां खेली हैं।
हालिया फॉर्म: साउथ अफ्रीका सीरीज में रनों की बरसात
विराट कोहली पिछले कुछ समय से जबरदस्त फॉर्म में चल रहे हैं, और साउथ अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में संपन्न हुई वनडे सीरीज में उनका प्रदर्शन इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इस सीरीज में कोहली ने एक अलग ही रूप दिखाया और रनों की बरसात कर दी। उन्होंने सीरीज के पहले और दूसरे मैच में दमदार शतक जमाए, जिससे भारतीय टीम को महत्वपूर्ण जीत मिली और इसके बाद, तीसरे मैच में भी उन्होंने एक शानदार अर्धशतक ठोका। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने सीरीज में कुल 302 रन बनाए और उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' का प्रतिष्ठित अवॉर्ड भी मिला। यह प्रदर्शन उनकी वर्तमान लय और आत्मविश्वास को दर्शाता है, जो न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए एक शुभ संकेत है।
विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में भी जारी रहा जलवा
साउथ अफ्रीका सीरीज के बाद, विराट कोहली ने दिल्ली क्रिकेट टीम के लिए विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में भी हिस्सा लिया। इस घरेलू टूर्नामेंट में भी उन्होंने अपनी अच्छी लय जारी रखी और शानदार प्रदर्शन किया। आंध्र प्रदेश के खिलाफ एक मैच में उन्होंने 131 रनों की एक बेहतरीन पारी खेली, जिसने उनकी बल्लेबाजी क्षमता और फॉर्म को एक बार फिर साबित किया। इसके बाद, गुजरात के खिलाफ भी उन्होंने एक दमदार अर्धशतक लगाया और 77 रन बनाए। कोहली को देखने के लिए क्रिकेट फैंस बड़ी संख्या में ग्राउंड पर उमड़ पड़े थे, जो उनकी लोकप्रियता और खेल के प्रति उनके जुनून का प्रमाण है और घरेलू सर्किट में भी उनका यह प्रदर्शन उनकी तैयारियों और फिटनेस को दर्शाता है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज
न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में सचिन तेंदुलकर 1750 रनों के साथ शीर्ष पर हैं। उनके बाद विराट कोहली 1657 रनों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। इस सूची में वीरेंद्र सहवाग (1157), मोहम्मद अजहरुद्दीन (1118) और सौरव गांगुली (1079) जैसे दिग्गज भी शामिल हैं। कोहली का इस प्रतिष्ठित सूची में शीर्ष पर पहुंचना भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक और मील का पत्थर साबित होगा और यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए महत्वपूर्ण होगी, बल्कि उन्हें भारतीय क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में से एक के रूप में उनकी स्थिति को और मजबूत करेगी, खासकर जब वह सचिन जैसे दिग्गज को पीछे छोड़ेंगे।
आगामी सीरीज और उम्मीदें
न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज 11 जनवरी से शुरू हो रही है, और क्रिकेट प्रशंसक। इस बात का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि क्या विराट कोहली इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को तोड़ पाएंगे। उनकी वर्तमान फॉर्म और न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका शानदार रिकॉर्ड इस बात का संकेत देते हैं कि वह यह उपलब्धि हासिल करने के प्रबल दावेदार हैं। यह सीरीज न केवल भारत के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि विराट कोहली के लिए भी यह एक व्यक्तिगत मील का पत्थर साबित हो सकती है, जो उन्हें क्रिकेट के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ने का अवसर प्रदान करेगी। भारतीय टीम और उनके प्रशंसक इस ऐतिहासिक क्षण का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
