सीएम शुभेंदु अधिकारी का सख्त एक्शन: बांग्लादेशी घुसपैठियों में मची भगदड़, सीमा पर जुटी भीड़

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इस आदेश के बाद सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठियों की भारी भीड़ जमा हो रही है और प्रशासन ने मालदा जैसे जिलों में विशेष होल्डिंग सेंटर बनाने शुरू कर दिए हैं।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की कमान संभालते ही अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है। मुख्यमंत्री के पद पर आसीन होते ही उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि बंगाल के कोने-कोने में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शुभेंदु अधिकारी के इस कड़े रुख और प्रशासनिक सक्रियता के कारण राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों के बीच भारी खलबली मच गई है। स्थिति यह है कि अब ये घुसपैठिए पकड़े जाने के डर से खुद ही वापस बांग्लादेश भागने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके कारण भारत-बांग्लादेश सीमा के पास वाले इलाकों में भारी भीड़ जुटने लगी है।

बिथरी हकीमपुर चेक पोस्ट पर उमड़ी घुसपैठियों की भीड़

मुख्यमंत्री के आदेश का सबसे व्यापक असर उत्तर 24 परगना जिले के स्वरूपनगर स्थित बिथरी हकीमपुर चेक पोस्ट पर देखने को मिल रहा है। सोमवार दोपहर के बाद से ही यहां बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए जमा होने लगे, जो किसी भी तरह सीमा पार कर वापस अपने देश लौटना चाहते हैं। इन घुसपैठियों का कहना है कि वे लगभग 1 और आधा साल पहले दलालों की मदद से अवैध तरीके से सीमा पार कर बंगाल आए थे। वे राज्य के विभिन्न हिस्सों में मजदूरी और अन्य छोटे-मोटे काम कर रहे थे। हालांकि, अब सरकार बदलने और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा की जा रही सख्त कार्रवाई के डर से वे वापस जाना चाहते हैं। ये सभी घुसपैठिए अब सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें आधिकारिक तौर पर वापस भेजा जा सके।

एसआईआर (SIR) के दौरान भी दिखी थी ऐसी ही तस्वीर

उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले जब पश्चिम बंगाल में एसआईआर की घोषणा की गई थी, तब भी इसी तरह की स्थिति पैदा हुई थी। उस समय भी उत्तर 24 परगना के बिथरी हकीमपुर चेक पोस्ट के माध्यम से हजारों की संख्या में अवैध घुसपैठिए डर के मारे बांग्लादेश लौट गए थे। अब एक बार फिर राज्य में सत्ता परिवर्तन और मुख्यमंत्री के कड़े आदेशों के बाद वही पुरानी तस्वीर दोहराई जा रही है और प्रशासन की सख्ती ने घुसपैठियों को यह संदेश दे दिया है कि अब राज्य में अवैध रूप से रहना संभव नहीं होगा।

मालदा में बनाया गया विशेष होल्डिंग सेंटर

राज्य सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए विभिन्न जिलों में घुसपैठियों के लिए होल्डिंग सेंटर बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और इसी क्रम में मालदा जिले के इंग्लिशबाजार स्थित बागबाड़ी इलाके में एक नया होल्डिंग सेंटर स्थापित किया गया है। सोमवार को इस केंद्र में 9 लोगों को लाया गया, जिनकी पहचान अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के रूप में हुई है। पकड़े गए इन लोगों में 3 महिलाएं और 6 नाबालिग शामिल हैं। इन सभी को गाजोल पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले पांडुआ इलाके से हिरासत में लिया गया था और सरकार ने स्पष्ट किया है कि पकड़े गए घुसपैठियों को तब तक इन केंद्रों में रखा जाएगा जब तक उनके निर्वासन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचा

मालदा के इस होल्डिंग सेंटर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरे परिसर की निगरानी के लिए बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पुलिस बल की तैनाती की गई है। इस केंद्र के सुचारू संचालन के लिए प्रशासन ने अलग-अलग शिफ्ट में कर्मचारियों की नियुक्ति की है। केंद्र की व्यवस्था संभालने के लिए 12 पुलिसवाले, 3 सिविल डिफेंस कर्मी, 3 सिविक पुलिस और भोजन तैयार करने के लिए 1 रसोइया तैनात किया गया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी कर सभी जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम) को आदेश दिया था कि गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के लिए अलग से होल्डिंग सेंटर बनाए जाएं। इसी आदेश के तहत अब पूरे राज्य में घुसपैठियों की धरपकड़ और उन्हें इन केंद्रों में रखने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।